अनंतनाग : जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के विधायक रेयाज अहमद खान ने BRICS Summit 2026 की घोषणा में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि अतीत में हुई ऐसी घटनाओं की भी जांच होनी चाहिए और उनकी निंदा की जानी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में रेयाज अहमद खान ने कहा कि भारत में BRICS Summit का आयोजन और इसमें प्रमुख नेताओं की भागीदारी एक सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा, "यह एक सकारात्मक विकास है कि इसका आयोजन हमारे देश में हुआ और इसमें कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। पहलगाम आतंकी हमले की निंदा के लिए प्रस्ताव पारित किया जाना भी स्वागत योग्य कदम है। हालांकि, अतीत में हुई इसी तरह की घटनाओं की भी जांच होनी चाहिए और उनकी निंदा की जानी चाहिए।"
चिट्टीसिंपोरा में सिखों का नरसंहार हुआ था
JKNC विधायक ने अनंतनाग जिले के चिट्टीसिंपोरा नरसंहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना की अब तक किसी ने निंदा नहीं की है।
उन्होंने कहा, "मेरे विधानसभा क्षेत्र में चिट्टीसिंपोरा में सिखों का नरसंहार हुआ था, जिसकी आज तक किसी ने निंदा नहीं की।"
रेयाज खान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था और करीब तीन दशक बाद पहली बार इस विषय पर चर्चा हुई थी।
उन्होंने कहा, "पिछले साल, शायद करीब 30 साल में पहली बार मैंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। इससे पहले इस पर कोई चर्चा नहीं हुई थी।"
उन्होंने सभी ऐसे नरसंहारों की निंदा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि हर पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए।
रेयाज खान का यह बयान BRICS नेताओं द्वारा 18वें BRICS Summit में जारी 'नई दिल्ली घोषणा पत्र' में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने के बाद आया है।
BRICS का आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
नई दिल्ली घोषणा पत्र में BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। सदस्य देशों ने आतंकवाद को किसी भी रूप में अपराध और अनुचित बताया।
घोषणा पत्र में सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों की आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया गया।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
भारत ने इस हमले के जवाब में 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
BRICS घोषणा पत्र में चीन समेत सभी सदस्य देशों का आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख सामने आया, जिसे भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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