Uttar Pradesh Election: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अब मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने कहा कि उनकी बीमारी को लेकर झूठी खबरें और अफवाहें फैलाकर समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसके लिए बसपा से निकाले गए लोगों और आकाश आनंद पर निशाना साधा है।

‘मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं’, मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी के काम में सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी तबीयत खराब होने को लेकर गलत बातें फैलाई जा रही हैं। मायावती के मुताबिक, उनके आवास पर तैनात निजी सचिव आलोक कुमार को आकाश आनंद ने फोन किया था। साथ ही मायावती ने यह भी बताया कि आकाश आनंद ने फोन पर उनके निजी सचिव से पूछा कि क्या ‘बहनजी’ बीमार हैं। इस पर आलोक कुमार ने उन्हें बताया कि मायावती बिल्कुल ठीक हैं और अपना काम कर रही हैं। मायावती के अनुसार, इसके बाद आकाश आनंद ने उनके सचिव से यह भी कहा कि वह मायावती को इस फोन के बारे में न बताएं। मायावती ने इस बातचीत का हवाला देते हुए आकाश आनंद की मंशा पर सवाल उठाए। हालांकि, आकाश आनंद की ओर से इस आरोप पर कोई स्वतंत्र पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

पहले पार्टी से बाहर, अब बीमारी की अफवाह का आरोप

मायावती और आकाश आनंद के बीच विवाद पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वही सितंबर की शुरुआत में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला किया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें BSP से पूरी तरह बाहर कर दिया गया। हालांकि मायावती ने उस समय आरोप लगाया था कि आकाश आनंद पार्टी के हितों की बजाय अपने पारिवारिक हितों को ज्यादा महत्व दे रहे थे।

इस पूरे विवाद में आकाश आनंद के ससुर और BSP के पूर्व नेता अशोक सिद्धार्थ का नाम भी लगातार सामने आया है। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे। आकाश आनंद को पार्टी से हटाए जाने के बाद मायावती ने संगठन में परिवार की भूमिका को लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया।

आकाश और ईशान को लेकर भी मायावती का बड़ा फैसला

12 सितंबर को मायावती ने साफ कर दिया कि उनके भाई आनंद कुमार के दोनों बेटे आकाश आनंद और ईशान आनंद को BSP में कोई राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने इसे अपना अंतिम फैसला बताया। मायावती ने यह भी कहा कि पार्टी में राजनीतिक जिम्मेदारियां परिवार के बजाय संगठन और बहुजन समाज के हित को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी।

अब मायावती के ताजा बयान के बाद BSP का अंदरूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में है। एक तरफ आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ मायावती अपनी सेहत को लेकर फैल रही कथित अफवाहों पर सफाई दे रही हैं। उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले BSP के भीतर हुए ये बदलाव पार्टी की आगे की रणनीति के लिहाज से भी अहम माने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: चमकती दिल्ली के पीछे का सच! BRICS से पहले झुग्गियों पर पड़ा पर्दा, उठे सवाल