लखनऊ : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पंचायत सहायकों के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने लखनऊ में कैंडललाइट मार्च निकालते हुए पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर सरकार से संवाद करने की अपील की।

पंचायत सहायक छह दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं 

चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को कहा कि यह मार्च पंचायत सहायकों की समस्याओं को सामने लाने के लिए आयोजित किया गया है। पंचायत सहायक पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

आजाद ने कहा, "हमने यह कैंडल मार्च इसलिए आयोजित किया है ताकि सरकार द्वारा पंचायत सहायकों के जीवन में पैदा किए गए अंधेरे को दूर किया जा सके। हमारा उद्देश्य यह बताना है कि पंचायत सहायक पिछले छह दिनों से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों की मांगें महत्वपूर्ण हैं और सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "चाहे वेतन बढ़ाने की मांग हो, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग हो या फिर मातृत्व अवकाश की मांग, सभी मांगें पूरी की जानी चाहिए। पंचायत विभाग के मंत्री को उनसे बातचीत करनी चाहिए।"

पंचायत सहायकों की मांगों को नजरअंदाज करना चिंता का विषय

सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पंचायत सहायकों की मांगों को नजरअंदाज करना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "यह बेहद चिंताजनक है कि सरकार उन्हें नजरअंदाज कर रही है। सरकार को इसका जवाब देना होगा। मैं इन लोगों के साथ खड़ा हूं।"

वहीं, लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों ने भी शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास प्रदर्शन किया।

पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करने की मांग

प्रदर्शनकारी पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करने और OBC अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों ने भर्ती परिणामों में संशोधन और योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर अनियमितताएं हुई थीं।

एक प्रदर्शनकारी ने ANI से कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने भर्ती परिणामों को संशोधित करने और अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का स्पष्ट निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य से मुलाकात करना चाहते थे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर अपनी मांगें रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आवास के पास रोक दिया और बाद में बस के जरिए वहां से हटा दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मंत्रियों, अधिकारियों और अन्य राजनीतिक नेताओं से संपर्क करेंगे।

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