Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में बुधवार को BJP ने NC के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ श्रीनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। BJP नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लाल चौक स्थित घंटाघर के पास प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला और उन्हें अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गांदरबल से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
राज्य के दर्जे की बहाली पर उमर अब्दुल्ला को चुनौती
प्रदर्शन के दौरान सुनील शर्मा ने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली वास्तव में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का प्रमुख मुद्दा है, तो उन्हें इसी मुद्दे पर जनता के बीच जाकर नया जनादेश लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर उमर अब्दुल्ला में अभी भी आत्मसम्मान है तो वह गांदरबल विधानसभा सीट से इस्तीफा दें और राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर फिर से चुनाव लड़ें। शर्मा के मुताबिक, ऐसा करने पर ही यह साबित होगा कि राज्य के दर्जे की बहाली वास्तव में सरकार की प्राथमिकता है। BJP नेता ने यह भी कहा कि राज्य के दर्जे की बहाली BJP का भी मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की जनता से उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है।
'आम और गरीब लोगों के लिए जीना मुश्किल'
सुनील शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर में आम लोगों की कथित परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं और आम तथा गरीब लोगों के लिए जीवन मुश्किल हो गया है।
उन्होंने खास तौर पर पानी के संकट का जिक्र किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि पूरे जम्मू-कश्मीर में पानी की समस्या है, लेकिन इसके समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारी जमीन पर नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर फिटर या कार्यकारी अभियंता तक दिखाई नहीं देते और मंत्री की मौजूदगी तो दूर की बात है।
अस्पताल और स्कूलों की व्यवस्था पर सवाल
BJP नेता ने सरकारी अस्पतालों और स्कूलों की स्थिति को लेकर भी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की कमी है, जिससे गरीब मरीजों को उचित देखभाल नहीं मिल रही है।
इसी तरह स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए शर्मा ने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षक, मास्टर और यहां तक कि प्रधानाध्यापक भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब बुनियादी सेवाओं की स्थिति ऐसी है तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
‘क्या जनता ने राजकुमार की तरह रहने के लिए चुना?’
सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या जम्मू-कश्मीर की जनता ने उन्हें 'राजकुमार की तरह रहने और गुलमर्ग तथा पहलगाम में स्कीइंग करने' के लिए चुना है। उन्होंने सरकार पर रोजगार के मुद्दे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। शर्मा ने दावा किया कि करीब 25 हजार नौकरियों को आउटसोर्स किया जा रहा है। BJP ने इसे युवाओं के हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
BJP ने इन चार मुद्दों को बनाया प्रदर्शन का आधार
BJP ने अपने आंदोलन के लिए चार प्रमुख मुद्दे सामने रखे हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकार इन मामलों में जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।
भर्ती प्रक्रिया: BJP ने निष्पक्ष भर्ती के बजाय नौकरियों को 'बेचने' जैसे आरोप लगाए हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव: पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
भ्रष्टाचार: BJP ने सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग की है।
बिजली दरें: पार्टी ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी का विरोध किया है और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया है।
सिविल सचिवालय की ओर मार्च का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान BJP ने ऐलान किया कि उसके कार्यकर्ता लाल चौक से सिविल सचिवालय की ओर मार्च करेंगे। पार्टी का कहना है कि पानी, रोजगार, बिजली, भ्रष्टाचार और स्थानीय निकाय चुनाव जैसे मुद्दों का सीधा असर जम्मू-कश्मीर के आम लोगों पर पड़ रहा है।
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BJP के इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। वहीं, राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला को दोबारा चुनाव लड़ने की सुनील शर्मा की चुनौती ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।