Ayodhya Ram Mandir CEO: राम मंदिर की व्यवस्था और संचालन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त करने के नाम पर मुहर लगा दी। जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं और उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की तीसरी बैठक चल रही है। बैठक में ट्रस्ट के तीन नए ट्रस्टियों के नामों का भी ऐलान किया गया। खास बात यह है कि पहली बार किसी महिला को ट्रस्ट में शामिल किया गया है।
तीन नए ट्रस्टी बनाए गए
ट्रस्ट ने दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका, अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया है। निर्मला यादव RSS से जुड़ी रही हैं और उनकी नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में पहली बार किसी महिला की एंट्री हुई है।
कौन हैं महेश भागचंदका?
महेश भागचंदका दिल्ली के कारोबारी हैं और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। वह अशोक सिंघल फाउंडेशन से जुड़े हैं। वर्ष 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के धार्मिक अनुष्ठानों में वह मुख्य यजमान रहे थे। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान भी उन्होंने यजमान की भूमिका निभाई थी। भागचंदका ने कई किताबें भी लिखी हैं। इनमें 'अशोक सिंघल : हिंदुत्व के पुरोधा', 'बोलती अनुभूतियां' और 'श्री राम मंदिर काव्य यात्रा' प्रमुख हैं।
रामलला की ओर से कानूनी लड़ाई का हिस्सा रहे मदन मोहन पांडेय
अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े मामले में दलीलों में भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का फैसला अपने 51 साल के कानूनी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था।
चढ़ावा चोरी के बाद लगातार हो रहे बड़े बदलाव
राम मंदिर में 7 जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। मामले में अब तक आठ आरोपी जेल में हैं। इसके बाद ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। 2 जुलाई को हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया था। इसके बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया। वहीं, 26 जुलाई को नौ संतों की धार्मिक समिति का गठन किया गया था। अब पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO बनाए जाने और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति से राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक और बड़ा बदलाव हुआ है।
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