राज्य
कुर्सी टूटी तो रोक दी पूरी ट्रेन! गोरखपुर स्टेशन पर 50 मिनट तक परेशान रहे यात्री, गोरखपुर में गार्ड और रेलवे आमने-सामने
Gorakhpur Railway Station: गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस करीब 50 मिनट तक खड़ी रही। वजह थी गार्ड के बैठने की टूटी कुर्सी। गार्ड ने व्यवस्था ठीक होने तक ट्रेन आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। बाद में स्टूल मिलने पर ट्रेन रवाना हुई। रेलवे ने गार्ड के फैसले को गलत बताते हुए कार्रवाई की बात कही है।
Gorakhpur Railway Station News: गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 18 अगस्त को वैशाली एक्सप्रेस करीब 50 मिनट तक खड़ी रही। वजह कोई तकनीकी खराबी या सिग्नल की समस्या नहीं, बल्कि गार्ड के बैठने की कुर्सी थी। ड्यूटी पर पहुंचे गार्ड रामाशीष दास ने यार्ड यान में बैठने के लिए सही कुर्सी नहीं मिलने पर ट्रेन को आगे ले जाने से इनकार कर दिया।
मामला तब सुलझा जब गार्ड को बैठने के लिए एक छोटा स्टूल उपलब्ध कराया गया। इसके बाद ट्रेन आगे रवाना हुई और उन्होंने बरौनी तक अपनी ड्यूटी पूरी की।
टूटी कुर्सी देखकर गार्ड ने ट्रेन आगे बढ़ाने से किया इनकार
वैशाली एक्सप्रेस 18 अगस्त की सुबह करीब 9:47 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंची थी। गार्ड रामाशीष दास जब ट्रेन में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि यार्ड यान में मौजूद कुर्सी खराब थी। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में ड्यूटी करना उनके लिए उचित नहीं है।उन्होंने स्टेशन प्रबंधन को अपनी परेशानी बताई और बैठने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की। तत्काल समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने ट्रेन को आगे ले जाने और सिग्नल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ट्रेन काफी देर तक स्टेशन पर खड़ी रही।बाद में उन्हें बैठने के लिए एक छोटा स्टूल दिया गया, जिसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
गार्ड ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
रामाशीष दास के मुताबिक, वह करीब आठ महीने बाद रिटायर होने वाले हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान उनके लिए सबसे अहम चीज यात्रियों और ट्रेन की सुरक्षा है।गार्ड को यह भी अंदाजा था कि ट्रेन के करीब 50 मिनट रुकने पर सवाल खड़े होंगे, लेकिन उनका तर्क था कि अगर बैठने की खराब व्यवस्था के बावजूद वह ट्रेन को रवाना कर देते और सफर के दौरान कोई समस्या होती, तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती।इसी वजह से उन्होंने अपनी शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।
रेलवे ने गार्ड के फैसले को बताया गलत
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने मामले पर अलग पक्ष रखा। उनके अनुसार वैशाली एक्सप्रेस ईस्ट सेंट्रल रेलवे की ट्रेन है और गोरखपुर में उसका ठहराव मुख्य रूप से परिचालन संबंधी कारणों से होता है।रेलवे का कहना है कि गार्ड यान में पहले से इनबिल्ट चेयर की व्यवस्था होती है। अलग से स्टूल उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है। रेलवे के मुताबिक ट्रेन के दिल्ली से रवाना होने के समय ऐसी किसी समस्या की जानकारी भी नहीं दी गई थी।अधिकारी ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर गार्ड टूल बॉक्स पर बैठकर ड्यूटी करते हैं या खड़े होकर काम करते हैं। रेलवे का मानना है कि गार्ड को इस मुद्दे पर ट्रेन रोकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था।
यात्रियों को हुई परेशानी, अब कार्रवाई की तैयारी
कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद करीब 50 मिनट तक ट्रेन रुकने की वजह बन गया। इससे ट्रेन में सवार यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।रेलवे ने गार्ड के इस कदम को गलत बताते हुए मामले में आधिकारिक कार्रवाई की बात कही है। वहीं, गार्ड का तर्क है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी और सुरक्षा की जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया।
Written By: Shivashakti Narayan Singh
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।