Gorakhpur Industrial Corridor: गीडा के धुरियापार सेक्टर-6 में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। 102.35 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इससे निवेश बढ़ने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर के दक्षिणांचल में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। धुरियापार में 120 एकड़ जमीन पर आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। भारत औद्योगिक विकास योजना यानी भव्या के तहत तैयार होने वाली इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को शासन से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल 102.35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 88 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बाकी रकम राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरण के संयुक्त फंड से जुटाई जाएगी।

 धुरियापार में पहले से मिलेंगी उद्योग लगाने की सुविधाएं

इस औद्योगिक कॉरिडोर को इस तरह विकसित करने की योजना है कि कंपनियों को उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से मिल सकें। इसे प्लग एंड प्ले मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इसके तहत औद्योगिक भूखंडों के साथ फ्लैटेड फैक्ट्री, वेयरहाउस और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा होगी। इससे उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए शुरुआती स्तर पर होने वाली दिक्कतें कम करने में मदद मिल सकती है।

16 तरह की औद्योगिक इकाइयों की संभावना

गीडा ने धुरियापार के सेक्टर-6 में इस परियोजना के लिए 120 एकड़ जमीन चिन्हित की है। यहां 16 तरह की औद्योगिक इकाइयां स्थापित किए जाने की संभावना जताई गई है। परियोजना से जुड़ी उम्मीद है कि देश की बड़ी कंपनियां भी यहां निवेश के लिए आगे आ सकती हैं। केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता के चलते औद्योगिक जमीन की कीमत अपेक्षाकृत कम रखने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, जमीन की अंतिम कीमत और निवेश करने वाली कंपनियों की जानकारी सामने आना बाकी है।

 शासन से मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा काम

परियोजना की DPR गीडा की ओर से नियुक्त कंसल्टेंट ने तैयार की थी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गोरखपुर समेत प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। अब स्वीकृति मिलने के बाद कॉरिडोर को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परियोजना पूरी होने पर बड़े उद्योगों के साथ स्थानीय उद्यमियों को भी औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिलने की उम्मीद है। गीडा के सीईओ विशाल कुमार के मुताबिक, भव्या योजना के तहत धुरियापार में 120 एकड़ में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे कंपनियों के निवेश के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यूपी के सात स्थानों पर बनेंगे औद्योगिक क्षेत्र

भारत औद्योगिक विकास योजना को मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी। इस योजना के तहत देशभर में 100 औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश में सात स्थानों पर ऐसे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। गोरखपुर के धुरियापार को भी इसी योजना में शामिल किया गया है। इस परियोजना से पूर्वांचल के दक्षिणांचल में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निवेश और रोजगार का वास्तविक स्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि यहां कितनी कंपनियां आती हैं और परियोजना का विकास किस गति से पूरा होता है।