Election Commission Of India : महाराष्ट्र और दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दिया गया है। 17 अगस्त को SIR के तीसरे चरण के पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट रोल जारी कर दिया गया है। आयोग के मुताबिक राजधानी दिल्ली की बात कि जाए तो कुल 1.45 करोड़ वोटर्स में से 67.16 प्रतिशत यानी तकरीबन 97.5 लाख वोटर्स के फार्म डिजिटलाइज किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की माने तो दिल्ली के कुल वोटर्स में से करीब 47 लाख 56 हजार लोगों के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हो पाए हैं।
घर-घर जाकर जुटाए आंकड़े
यह आंकड़े घर-घर जाकर किए सत्यापन अभियान के दौरान दिल्ली के 1.45 करोड़ मतदाताओं से से केवल 97.5 लाख लोगों के ही फार्म डिजिटल हो पाए हैं। फिलहाल ड्राफ्ट लिस्ट में के मुताबिक मतदाता का नाम स्थायी तोर से हटा दिया गया है। प्रभावित मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। दरअसल लिस्ट में उन मतदाताओं का नाम शामिल नहीं किया गया है जिनके् फॉर्म जमा या डिजिटाइज नहीं हो सकें। तो कुछ अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, या फिर डुप्लिकेट, विदेशी और अन्य श्रेणियों से जुड़े नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर किए गए हैं।
महाराष्ट्र में कट गए 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम
ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र में भी देखने को मिला। जहां करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं। इन मतदाताओं के फॉर्म भी जमा नहीं हो सके हैं। महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा क्षेत्र हैं, इसमें से 25 शहरी क्षेत्र हैं। इस स्थिति में 31 अगस्त को पब्लिश होने वाले ड्राफ्ट रोल में नहीं होंगे। 25 चुनाव क्षेत्रों में 1.10 करोड़ वोटर हैं। राज्य में तकरीबन 9.78 करोड़ वोटर में से 2.07 करोड़ या 21.16 प्रतिशत के फार्म जमा नहीं हो पाए हैं। इन वोटर के नाम ड्राफ्च रोल से बाहर रह सकते हैं। उन्हें अपना नाम वापस पाने के लिए अब क्लेम करना होगा।
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