Nepal Flash Flood Death: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार चल रहे राहत और बचाव अभियान के बीच मृतकों की संख्या बढ़कर 900 के पार पहुंच गई है, जबकि अभी भी 4200 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव टीमों ने 10,451 लोगों को रेस्क्यू किया है।खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और लगातार बनी चुनौतियों के कारण लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
चितवन में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज
नेपाल के चितवन जिले में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां अब तक 272 लोगों की मौत दर्ज की गई है।इसके अलावानवलपरासी ईस्ट में 207 मौतें
नवलपरासी वेस्ट में 151 मौतें,नुवाकोट में 95 मौतें,गोरखा में 62 मौतें,धादिंग में 55 मौतें,तनहूं में 37 मौतें व रसुवा में 24 मौतें दर्ज की गई हैं।मृतकों में नेपाल पुलिस, सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं। आपदा में नेपाल पुलिस के 25, नेपाली सेना के 45 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवानों की जान गई है।
रसुवा और नुवाकोट में हजारों लोग लापता
फ्लैश फ्लड के बाद रसुवा और नुवाकोट जिले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।आंकड़ों के अनुसार रसुवा में करीब 865 लोग लापता हैं।व नुवाकोट में 1548 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट है।इसके अलावा कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट्स से भी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है।रविवार को एक हाइड्रोपावर साइट से 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जिनमें 7 चीनी और 7 भारतीय नागरिक शामिल थे।
राहत अभियान में जुटे हजारों जवान
नेपाल में राहत और बचाव कार्य बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मी लोगों को बचाने और राहत सामग्री पहुंचाने में लगे हुए हैं।अब तक हेलीकॉप्टर और विमानों की मदद से हजारों लोगों तक सहायता पहुंचाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक राहत अभियान के तहत 411 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं।हवाई बचाव अभियान के जरिए अब तक 3000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 236 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
पीएम बालेन शाह ने बताया 'अकल्पनीय त्रासदी'
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस प्राकृतिक आपदा को बेहद भयावह बताया है।उन्होंने कहा कि देश इस समय एक ऐसी त्रासदी का सामना कर रहा है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के कारण जान-माल और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।पीएम शाह ने कहा कि खराब मौसम और मुश्किल हालात के बावजूद सरकार लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए लगातार काम कर रही है।