महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नागपुर डिवीज़न स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद MLC) सीट चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने कहा कि नागपुर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मजबूत गढ़ नहीं रहा। इसके साथ ही वंजारी ने चुनावी नतीजों को राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में पेश किया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए होने वाले चुनावों को समाप्त करने की मांग भी उठाई।उनका बयान चुनाव प्रक्रिया और EVM की विश्वसनीयता को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।
नागपुर अब BJP का गढ़ नहीं रहा, कांग्रेस का गढ़ बन गया
इस संदर्भ में कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने कहा कि पिछले छह सालों में युवाओं, स्टूडेंट्स और स्कॉलर्स के साथ उनके लगातार जुड़ाव ने उनके दोबारा चुने जाने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव क्षेत्र अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गढ़ नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस का गढ़ बन गया है। अपनी जीत के बाद वंजारी ने कहा कि उन्होंने ग्रेजुएट्स से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और अलग-अलग प्रोग्राम के ज़रिए लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखने पर ध्यान दिया है।
कांग्रेस ने EVM के जरिए होने वाले चुनावों को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अभिजीत ने कहा कि छह साल पहले, जब मैं पहली बार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया था, तो वहां जो काम होने चाहिए थे, उनमें से बहुत से अधूरे रह गए थे। उन्होंने कहा कि ग्रेजुएट्स का एक अलग चुनाव क्षेत्र है और मैंने उसके हिसाब से काम करने की पूरी कोशिश की। मैंने लोगों से करीबी संपर्क बनाए रखा और अलग-अलग प्रोग्राम के ज़रिए युवाओं, स्टूडेंट्स एवं स्कॉलर्स से जुड़ा रहा। यह चुनाव क्षेत्र में और चुनाव के दौरान फायदेमंद साबित हुआ। जिससे आखिरकार मैं दोबारा चुना गया। इसके साथ ही वंजारी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई और इस मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया।
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