फिलीपींस: फिलीपींस में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मैकटन एक्सपो में सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। वे फिलीपींस के सेबू में 13वीं ASEAN डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस (ADMM-Plus) में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंचे  हैं।  इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। राजनाथ सिंह की इस यात्रा को भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

ADMM, ASEAN में होगी क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा

इस मीटिंग के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बात करेंगे। इसके साथ ही वे हिस्सा लेने वाले देशों के साथ रक्षा सहयोग एवं रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।  रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ADMM, ASEAN के अंदर सबसे बड़ा डिफेंस कंसल्टेटिव और सहकारी प्रणाली है। ADMM-प्लस 11 ASEAN सदस्य देशों में, ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम है। इसके अलावा आठ डायलॉग पार्टनर्स देशों में  भारत, यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, रूस, जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का नाम आता है।

भारत 2024-2027 के लिए मलेशिया के साथ करेगा आतंकवाद-रोधी संवाद 

दरअसल, भारत 1992 में ASEAN का डायलॉग पार्टनर बना। जबकि ADMM-प्लस की पहली मीटिंग 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में हुई थी। वर्ष 2017 से इस फोरम में हिस्सा लेने वाले रक्षा मंत्री ASEAN के सदस्य देशों और आठ पार्टनर देशों के बीच रक्षा सहयोग को मज़बूत करने के लिए हर साल मीटिंग कर रहे हैं। फिलीपींस 2026 में ADMM-प्लस की अध्यक्षता कर रहा है। भारत 2024-2027 साइकिल के लिए मलेशिया के साथआतंकवाद-रोधी संवाद पर एक्सपर्ट्स वर्किंग ग्रुप की भी सह-अध्यक्षता कर रहा है। मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म में नई दिल्ली की भागीदारी, रक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ उसके लगातार डिप्लोमैटिक जुड़ाव को दिखाती है। जो एक्ट ईस्ट पॉलिसी के बड़े फ्रेमवर्क के तहत क्षेत्रीय पार्टनरशिप को मज़बूत करती है।