Singapore Business Federation Delegation in UP: उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। लखनऊ पहुंचे सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा अंतरराष्ट्रीय निवेश का केंद्र?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और उत्तर प्रदेश की क्षमताएं मिलकर वैश्विक विकास के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के आसपास समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव देते हुए क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं पर जोर दिया।
सीएम योगी के मुताबिक, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संगम और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर भारत का प्रमुख सप्लाई चेन हब बन सकता है। हालांकि, सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव अभी चर्चा के स्तर पर है।
60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा के दौरान राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ हुई मुलाकातों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस यात्रा के दौरान करीब 60,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी देश या क्षेत्र की वैश्विक पहचान केवल उसके आकार से नहीं, बल्कि दूरदर्शिता, कार्यक्षमता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से बनती है। उन्होंने आधुनिक सिंगापुर के निर्माण में ली कुआन यू के योगदान का भी उल्लेख किया।
यूपी में 75 हजार एकड़ से ज्यादा का लैंड बैंक
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी माहौल और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की। एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने भी कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख किया।
775 करोड़ रुपये से बनेगा ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’
बैठक के दौरान निवेश से जुड़ी परियोजनाओं पर भी कदम आगे बढ़ाए गए। मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-8D में प्रस्तावित ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ के लिए पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
परियोजना से जुड़ी प्रमुख बातें
निवेश: करीब 775 करोड़ रुपये।
भूमि: 50 एकड़।
स्थान: YEIDA क्षेत्र का सेक्टर-8D।
रोजगार: लगभग 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर।
विशेषता: परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है।
खाद्य प्रसंस्करण और कचरा प्रबंधन में भी निवेश
बैठक में वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट बनाने के लिए आधुनिक ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। वहीं, ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। कंपनी की प्रस्तावित योजनाओं में शामिल हैं।
नोएडा सेक्टर-145: 250 से 350 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से करीब 7.5 लाख टन पुराने कचरे का उपचार।
सहारनपुर: प्रतिदिन 350 टन कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता वाला प्लांट।
रोजगार: इन परियोजनाओं से लगभग 100 से 120 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
निवेश प्रस्तावों से रोजगार और औद्योगिक विकास को उम्मीद
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान सामने आए प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित करते हैं। जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित ‘सिंगापुर सिटी’ को लेकर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल इसे मुख्यमंत्री की ओर से रखा गया प्रस्ताव समझना जरूरी है, जबकि पैकेजिंग हब और अन्य परियोजनाओं के संबंध में प्रमाणपत्र तथा समझौता ज्ञापन की प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई गई हैं।
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