SIR Controversy: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच CJP ने INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को होने वाली रैली को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका पैदा हुई है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी हर योग्य नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है।
सरकार मतदाता नहीं चुने, जनता सरकार चुने
CJP ने अपने बयान में लोकतंत्र के मूल सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि जनता को अपनी सरकार चुननी चाहिए, न कि सरकार को अपने मतदाता चुनने चाहिए। पार्टी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया ने इस सिद्धांत को कमजोर किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी के लिए जरूरी भरोसा खो दिया है। पार्टी के मुताबिक, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता बहाल करने के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है। हालांकि, SIR को लेकर लगाए गए ये आरोप पार्टी का पक्ष हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और इससे जुड़े विवादों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
GYANU MUST GO! The Cockroach Janta Party extends its support to the INDIA Bloc’s November 1 rally. Nation above all! #JaiBhim #JaiHind https://t.co/jbSsRQeHEw
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 28, 2026
अंबेडकर और संविधान के तहत मतदान के अधिकार का दिया हवाला
CJP ने अपने बयान में भारतीय संविधान के निर्माण और डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका का जिक्र किया। पार्टी ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या आर्थिक स्थिति से परे हर वयस्क नागरिक को समान मतदान अधिकार देने में विश्वास जताया था। पार्टी के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़ना है, न कि उन्हें उससे बाहर करना।
बता दें कि CJP ने आशंका जताई कि SIR की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा पैदा हो सकता है। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।
चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
CJP ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि किसी भी योग्य नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। घोषणा की कि वह देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों का समर्थन करेगी। पार्टी ने अपने बयान का समापन “जय भीम, जय हिंद” के नारे के साथ किया।
30 अक्टूबर को प्रतीकात्मक कार्यक्रम, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों की गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके बाद 1 नवंबर को 'दिल्ली चलो' मार्च और दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है।
विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। SIR पर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच अब नजरें प्रस्तावित रैली और चुनाव आयोग की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर रहेंगी। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा इस बहस के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।