दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस, अस्पतालों, कानूनी सहायता सेवाओं और आश्रय गृहों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है, उन्होंने कहा कि उत्पीड़न या हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को समय पर मदद और न्याय मिलना चाहिए, ताकि उन्हें सहायता के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास विभागीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों की सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं बताईं। इनमें पीड़ितों के लिए व्यक्तिगत देखभाल योजनाएं तैयार करना, हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर के बीच समन्वय बढ़ाना, काउंसलिंग और कानूनी सहायता तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना, बाल विवाह की रोकथाम और कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।

महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की भूमिका अहम

रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं का जिक्र करते हुए महिला हेल्पलाइन नंबर 181, आपातकालीन नंबर 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 998 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 15.95 लाख महिलाओं को सहायता दी गई है। वहीं, 431 शक्ति सदनों ने 3.36 लाख महिलाओं को सहयोग प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए, ताकि पीड़ितों को जरूरत के समय उचित सहायता मिल सके, उन्होंने प्रत्येक पीड़िता की परिस्थितियों के अनुसार देखभाल योजना बनाने और हेल्पलाइन तथा वन स्टॉप सेंटर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों और परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इनमें दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में बस मार्शलों की तैनाती और पैनिक बटन लगाने, अंधेरे वाले स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, शाम की शिफ्ट में विशेष बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे उपाय शामिल हैं, उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

SHe-Box पोर्टल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर रेखा गुप्ता ने SHe-Box पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। इस पोर्टल के जरिए महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति भी देख सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निजी क्षेत्र में इस पोर्टल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने के उपलब्ध माध्यमों के बारे में जानकारी रख सकें और उचित कार्रवाई के लिए आगे आ सकें।

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बाल विवाह रोकने के लिए अभियान को मजबूत करने की अपील

मुख्यमंत्री ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत प्रयास तेज करने की अपील की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बाल विवाह के मामलों की पहचान करने, परिवारों को जागरूक करने और समय रहते हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में मदद कर रही हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में सुरक्षा, न्याय और प्रभावी सहायता प्रणालियों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।