Jaipur Municipal Corporation Election 2026: जयपुर नगर निगम चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने बड़ा दाव चला है। दरअसल, बीजेपी ने 150 वार्डों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, जिसमें 8 मुस्लिम चेहरों को मैदान में उतारा है। यानी कि इस चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों की हिस्सेदारी 5.3 फीसदी है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। जानकारी के अनुसार मंगलवार 1 सितंबर को सभी मुस्लिम उम्मीदवार अपना नामांकन करेंगे।
35 फीसदी के करीब महिलाओं को टिकट
बीजेपी ने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए करीब 35 फीसदी टिकट महिलाओं को दिए हैं। पार्टी ने महिला मोर्चा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के अलावा लंबे समय से संगठन में सक्रिय महिलाओं को भी चुनावी मैदान में उतारा है। वार्ड 47 से दीपा नाथावत, वार्ड 56 से रेखा सैनी, वार्ड 107 से अनुराधा माहेश्वरी और वार्ड 123 से पूनम मेहता को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी के इस फैसले को महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ज्योति खंडेलवाल को वार्ड 110 से टिकट
बीजेपी की सूची में सबसे चर्चित नाम कांग्रेस की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल का है। पार्टी ने उन्हें वार्ड 110 से उम्मीदवार बनाया है। ज्योति खंडेलवाल जयपुर नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं और लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रही हैं। अब बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने से वार्ड 110 का मुकाबला खास हो गया है।
8 मुस्लिम उम्मीदवारों पर बीजेपी का दांव
बीजेपी ने मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने कुल 8 मुस्लिम नेताओं को पार्षद का टिकट दिया है। इनमें वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन 'जैकी', वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना शामिल हैं।
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वार्ड 19 का मुकाबला विशेष रूप से अहम माना जा रहा है। सामान्य सीट होने के बावजूद यहां मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट देकर बीजेपी ने स्थानीय सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
कांग्रेस ने संगठन को दी प्राथमिकता
वहीं, कांग्रेस के टिकट वितरण में संगठन को प्राथमिकता दिए जाने की तस्वीर सामने आई है। पार्टी की सूची में संगठन के कई पदाधिकारियों और मौजूदा पार्षदों को जगह मिली है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार मैदान में उतरने के बाद जयपुर के निकाय चुनाव में मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने वाला है।