Ayodhya News: अयोध्या में संतों ने RSS और विश्व हिंदू परिषद के खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की तीखी आलोचना की है। संतों और बीजेपी नेताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह राजनीतिक लाभ और तुष्टीकरण की राजनीति के चलते सनातन धर्म, हिंदू आस्थाओं और हिंदू संगठनों को लगातार निशाना बनाते रहते हैं।

क्यो सुर्खियों में छाए दिग्विजय सिंह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद पर हिंदुत्व की बयानबाजी के साथ दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय विमर्श को हाईजैक करने की बात कही थी। इसके बाद महंत सीताराम दास जी महाराज ने दिग्विजय सिंह को पारंपरिक संस्कृति पर हमला करने के लिए फटकार लगाई और उनके बयानों को अत्यंत निंदनीय और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का विरोध करती। पार्टी ने इसके निर्माण को रोकने के लिए हंगामा किया था। इतने वरिष्ठ नेताओं का इस तरह की गलती करना उचित नहीं है। यह अशोभनीय है।

महंत बोले अयोध्या में नहीं करने देंगे उन्हें पूजा

महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि यह लोग हमेशा सनातन संस्कृति पर प्रहार करने की कोशिश करते हैं। इनके ही नेता थे जिन्होंने राम जन्मभूमिक मंदिर के निमंत्रण को ठुकरा दिया था और राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए हंगामा भी किया था, जिसके लिए उन्होंने विरोध में 28 वकीलों को नियुक्त किया था। अयोध्या में उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा और उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे, उन्हें अयोद्या में पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

क्या बोले महामंडलेश्वर विष्णु दास

महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कांग्रेस पार्टी पर औपनिवेशिक मानसिकता में फंसे होने और भगवा वस्त्रधारी संतों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। औपनिवेशिक मानसिकता में फंसी यह पार्टी हमेशा से राम भक्तों, संतों, सनातनियों और भगवा वस्त्र पहनने वालों को आतंकवादी करार देने का प्रयास करती रही है। इसमें दिग्विजय सिंह की अहम भूमिका रही है।

दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर निशाना साधते हुए महामंडलेश्वर बोले कि यह यात्रा धार्मिक शोषण के विरोध में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा के रूप में घोषित की गई। आगामी चुनावों में आप देखेंगे कि उनका प्रभाव पूरी तरह से गायब हो जाएगा। ​​दिग्विजय सिंह द्वारा वर्णित स्वाभिमान सनातन यात्रा की बात है, हिंदू समुदाय उनका मुंहतोड़ स्वागत करेगा।

हिंदू शब्द किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं मिलता

दिग्विजय सिंह का यह बयान इस समय बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें उन्होंने दावा किया कि, हिंदुत्व के इर्द-गिर्द लगातार हो रही बयानबाजी ने राष्ट्रीय चर्चा को हाईजैक कर लिया है। जिससे हिंदुओं और अन्य धर्मों के बीच दरार पैदा हो रही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विश्व हिंदू परिषद के जरिए प्राप्त चंदा सीधे बीजेपी के चुनाव कोष में जाता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज किसी भी धार्मिक ग्रंथ में "हिंदू" शब्द नहीं मिलता और विश्व हिंदू परिषद पर "सनातन धर्म" को विकृत करने का आरोप लगाया।

क्या है संतो और आलोचकों का पक्ष

तुष्टिकरण का आरोप: अयोध्या के संतों और आलोचकों के अनुसार, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अक्सर बिना किसी ठोस तथ्य या प्रमाण के इस तरह के निराधार बयान देते हैं। उनका मानना है कि यह सब केवल एक विशेष वर्ग को खुश करने और राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किया जाता है। संतो ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मध्य प्रदेश के मंत्रियों और संतों ने उनके इन बयानों को बेहद आपत्तिजनक और खेदजनक बताया है। कई नेताओं ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।


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