Ayodhya News: अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बार एसोसिएशन का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को बार एसोसिएशन के 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र विवेचनाधिकारी को सौंपे गए। इनमें से नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी आशुतोष तिवारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए, जबकि मुख्य शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार जायसवाल की अनुपस्थिति के कारण उनका बयान नहीं हो सका। उनका बयान शुक्रवार को दर्ज किए जाने की बात कही गई है।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अगुवाई में पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के एक दल ने विवेचनाधिकारी आशुतोष तिवारी से मुलाकात की। इस दौरान 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र प्रस्तुत किए गए।

चढ़ावा चोरी मामले में अधिवक्ताओं की नाराजगी
बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले से अयोध्या के अधिवक्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भूमिका रही है। उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मामले में कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया गया है।

2 जुलाई को दी गई थी तहरीर
इस मामले में बार एसोसिएशन के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल ने बीती 2 जुलाई को रामजन्मभूमि थाना प्रभारी सुमित श्रीवास्तव को तहरीर दी थी। इसी के क्रम में गुरुवार को 10 में से नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज कराने वाले अधिवक्ताओं में पूर्व अध्यक्ष सूर्यनारायण सिंह, संजीव दुबे, राकेश मिश्र, आलोक खरे, दिनेश सिंह, पंकज द्विवेदी, बद्री प्रसाद यादव, दूधनाथ मिश्र और मनोज सिंह शामिल हैं।

SSP और SIT को भी भेजे गए शपथपत्र
अधिवक्ताओं ने अपने शपथपत्रों की दो प्रतियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को भी सौंपी हैं। इनमें से एक प्रति विवेचनाधिकारी और दूसरी SIT के लिए दी गई है। बार उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय के अनुसार, बार एसोसिएशन की ओर से ईमेल और रजिस्ट्री के माध्यम से इन बयानों की प्रतियां SIT को भी भेजी गई हैं। मुख्य शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार जायसवाल अपने पिता के निधन के कारण गुरुवार को बयान दर्ज कराने नहीं पहुंच सके। उनका बयान शुक्रवार को दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।