Gautam Gambhir on Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। उम्मीद की जा रही की कि आखिरी टी20 में संजू के स्थान पर वैभव का चयन किया जा सकता है लेकिन टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग इलेवन की बल्लेबाजी क्रम में कोई बदलाव नहीं किया।

हालांकि, तीसरे टी20 मैच में संजू ने शानदार अर्धशतक जड़ा, जो कि इस सीरीज में उनकी दूसरी अर्धशतकीय पारी थी। श्रृंखला को 3-0 से जीतने के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच ने स्पष्ठ शब्दों में कहा कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

संजू को बाहर करना मुश्किल- गंभीर

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने 15 साल वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में वापस लाने के फैसले के बारे में बात की। इंग्लैंड में टीम से बाहर किए गए सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दो अर्धशतक लगाकर अपनी वापसी को सही साबित किया।

गंभीर ने मार्च में हुए टी20 विश्व कप में भारत की जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे सैमसन को टीम से बाहर रखने के फैसले को अपने कोचिंग कार्यकाल का "शायद सबसे कठिन" फैसला बताया। आपको बता दें कि, संजू को जिम्बाब्वे दौरे पर मौका नहीं मिला था। उनकी जगह वैभव को मुख्य ओपनर चुना गया था और वहां पर उन्होंने दो अर्धशतकीय पारी भी खेली थी।

उनकी प्रतिभा ही काफी है- गंभीर

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने संजू सैमसन को लेकर कहा,

"सैमसन को मुझे श्रेय देने की कोई जरूरत नहीं है। ड्रेसिंग रूम में रहने के लिए उनकी प्रतिभा ही काफी है। इस सीरीज में हम हमेशा से बहुत स्पष्ट थे। मेरी नजर में हम बिल्कुल स्पष्ट थे कि हम उसी टीम कॉम्बिनेशन पर वापस लौटना चाहते हैं जो हमने टी20 विश्व कप के दौरान इस्तेमाल किया था। अगर कोई टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अपराजित रही है और खिताब का बचाव किया है, तो मुझे यकीन है कि वह एक बेहतरीन टीम है। ये खिलाड़ी दो-तीन असफलताओं के बाद खराब खिलाड़ी नहीं बन जाते।" 

वैभव को इंतजार करना होगा- हेड कोच

15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज को अफगानिस्तान टी20 सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। वह पूरी सीरीज के दौरान बेंच पर बैठे रहे थे और अब गंभीर के एक बयान ने और खलबली मचा दी है। गंभीर ने कहा, "वैभव के नज़रिए से, यह एक बार फिर बहुत स्पष्ट बातचीत थी कि उन्हें अपने मौके का इंतज़ार करना होगा। हम जानते हैं कि वह क्या कर सकते हैं"

गंभीर ने विस्तार से बताया। "लेकिन फिर भी, जो खिलाड़ी दो साल की अवधि में बेहद अच्छा प्रदर्शन कर चुका है, वह हमेशा उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम का हिस्सा है। वैभव को जब भी मौका मिलेगा, उन्हें लंबा खेलने का अवसर मिलेगा। और यही भारतीय क्रिकेट का मूलमंत्र है। चाहे आपकी उम्र 15 हो या 30, आपको अपने मौके का इंतजार करना ही पड़ता है।"

ये भी पढ़ें- वनडे वर्ल्ड कप 2027 में एक साथ खेलेंगे हार्दिक-नीतीश! टूर्नामेंट से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने लगाई मोहर