Nandigram Bypoll: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के गुट को बड़ा झटका लगा है। ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी नंदीग्राम सीट पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से पहले गुरुवार शाम कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, नामांकन वापस लेने के पीछे प्रत्याशी की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया गया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाए आरोप
प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने पर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया।ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी के साथ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव को हाईजैक कर लिया है और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया जा रहा है।ममता ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में हुए विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के साथ भी उसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को असंवैधानिक बताया।
SIR और वोटर लिस्ट को लेकर भी लगाए आरोप
ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर प्रक्रिया शुरू की गई और इसके बाद चुनावों को प्रभावित किया गया।ममता ने यह भी दावा किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए गए। इसके अलावा उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में वोट लूटने जैसे आरोप लगाए। इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं या बीजेपी की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।ममता बनर्जी ने बीजेपी को ‘जुमला पार्टी’ बताते हुए कहा कि बीजेपी का उद्देश्य संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना है।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दिए अलग नाम
इससे पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के विवाद के बीच ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुटों के नए नामों की घोषणा की थी।चुनाव आयोग के अनुसार ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला है।व दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्न भी आवंटित किए गए हैं।पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच नंदीग्राम उपचुनाव में नामांकन वापसी ने राजनीतिक घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
नंदीग्राम में अब क्या होगा?
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के गुट के पास नंदीग्राम उपचुनाव में आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बचा है। चूंकि नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, इसलिए अब इस सीट पर ममता गुट के चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। और अब ममता बनर्जी ने वहां कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है।