उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए अहम माने जा रहे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर नया अपडेट सामने आया है। यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी UPEIDA ने इसके पहले पैकेज से जुड़े टेंडर में नया अपडेट जारी किया है। इस पैकेज में 50 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण शामिल है।
इस परियोजना का मकसद झांसी क्षेत्र को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-साथ औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

50 किलोमीटर के पहले पैकेज पर नया अपडेट

UPEIDA के आधिकारिक ई-टेंडर पोर्टल के मुताबिक झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के Package-I में किलोमीटर 000 से किलोमीटर 50 तक का हिस्सा शामिल है। इसे ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के तौर पर विकसित किया जाना है। इस परियोजना को 6 लेन का बनाया जाएगा और भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाने की क्षमता रखी जाएगी। प्रोजेक्ट का निर्माण EPC मोड पर किया जाना है। टेंडर में काम पूरा करने की अवधि 1095 दिन यानी करीब तीन साल रखी गई है।

कहां से कहां तक जाएगा एक्सप्रेसवे?

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित रूट जालौन के फूलपुरा क्षेत्र से शुरू होकर झांसी की ओर जाएगा। यह झांसी जिले की कई तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरने वाला है। इसके बनने से झांसी और आसपास के इलाकों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए बड़े सड़क नेटवर्क से कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे दिल्ली, आगरा-लखनऊ और दूसरे बड़े शहरों की ओर सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

करीब 7,968 करोड़ रुपये की परियोजना

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश कैबिनेट से अगस्त में मंजूरी मिली थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना की अनुमानित लागत करीब 7,968.30 करोड़ रुपये है। इसकी कुल लंबाई करीब 130 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना के पूरा होने के बाद झांसी क्षेत्र को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधा लिंक मिलेगा। इससे क्षेत्र में आने-जाने का समय कम होने और परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का असर झांसी और जालौन के कई इलाकों पर पड़ सकता है। प्रस्तावित रूट में गरौठा, टहरौली, मोंठ और झांसी सदर तहसील के क्षेत्र शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक एक्सप्रेसवे करीब 63 गांवों से होकर गुजरने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ कारोबार और उद्योगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर बुंदेलखंड औद्योगिक विकास क्षेत्र और डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े इलाकों के लिए सड़क संपर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली से झांसी का सफर होगा आसान

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए झांसी को दिल्ली-NCR की तरफ जाने वाले एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे लंबी दूरी के सफर में समय की बचत होने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना से जुड़े अलग-अलग पैकेजों की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इस लिंक एक्सप्रेसवे का असर बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी पर साफ दिखाई देगा।

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