India vs Sri Lanka Test Series POTS: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में बेहद धमाकेदार मुकाबला देखने को मिला। मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहली बैटिंग का फैसला किया। भारत ने पहली पारी 503/9 पर घोषित कर दी थी। इसके बाद श्रीलंका की पहली पारी 290 पर सिमट गई।

श्रीलंकाई पारी को समेटने के बाद फॉलोओन दिया गया, लेकिन दूसरी पारी में श्रीलंका ने 429/9 रन जड़ दिए और मैच ड्रॉ करवाने में कामयाब रही। हालांकि, भारत ने सीरीज को 1-0 से जीत लिया और देवदत्त पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द सीरीज की ट्रॉफी दी गई, लेकिन असली हकदार को नजरअंदाज कर दिया गया।

देवदत्त पडिक्कल ने खेली थी शानदार पारियां

भारतीय टीम के युवा टॉप ऑर्डर बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था। पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 167 रन बनाए थे तो दूसरी पारी में उनके बल्ले से 44 रन निकले थे। इसके बाद कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में पडिक्कल ने 117 रन ठोक दिए। उन्होंने तीन पारियों में 109.33 की दमदार औसत से 328 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक शामिल थे। उनको इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया था।

श्रीलंकाई खिलाड़ी था ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का असली हकदार

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में न सिर्फ देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म देखने को मिला था, बल्कि श्रीलंका के 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने भारतीय गेंदबाजों की खूब खबर ली थी। सोनल ने चार पारियों में 140 के जबरदस्त औसत से 420 रन ठोके थे, जिसमें तीन शतक और एक अर्धशतक शामिल था। वह इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे और चारों पारियों में उनके बल्ले से 50 से अधिक रन निकले थे।

इसके अलावा कोलंबो टेस्ट को ड्रॉ करवाने में सोनल का बहुमूल्य योगदान रहा था, क्योंकि अगर वह अहम मौके पर आकर 133 रन की पारी नहीं खेलते तो शायद श्रीलंका ये मैच लंच तक गंवा चुका होगा। वहीं, इस टेस्ट की पहली पारी में भी उनके बल्ले से शतक देखने को मिला था।

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कोलंबो टेस्ट में बने POTM

कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में शानदार शतक लगाने वाले सोनल दिनुषा को प्लेयर ऑफ द मैच की ट्रॉफी दी गई।  पूरी सीरीज में दिनुषा ने जहां 420 रन बनाए तो दूसरा कोई भी श्रीलंकाई बल्लेबाज सीरीज में 180 रन का आंकड़ा तक पार नहीं कर पाया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहां सोनल भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे तो दूसरे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजों की गेंद समझ भी नहीं आ रही थी।

उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए सोनल को प्लेयर और द सीरीज के पुरस्कार का मुख्य दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अंत में पडिक्कल को इस खिताब के लिए चुना गया। हालांकि, इसका मुख्य कारण पहला टेस्ट हो सकता है, जिसकी जीत में पडिक्कल ने अहम भूमिका निभाई थी और उसी के कारण भारत सीरीज जीतने में सफल रही।

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