Mahakaleshwar Temple Raksha Bandhan Ujjain: उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन का पर्व बेहद खास धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया गया। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी अर्पित की गई। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा, अभिषेक और भस्म आरती के साथ मंदिर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

रक्षाबंधन के मौके पर बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया और उन्हें विशेष राखियां पहनाई गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

ब्रह्म मुहूर्त में हुई विशेष पूजा

महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु के अनुसार, बाबा महाकाल के दरबार में सबसे पहले रक्षाबंधन मनाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे भगवान महाकाल का पूजन और अभिषेक किया गया।इसके बाद भगवान का भस्म से विशेष श्रृंगार किया गया और भस्म आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

पुजारी परिवार की महिलाओं ने अर्पित की विशेष राखियां

रक्षाबंधन के अवसर पर पुजारी और पुरोहित परिवार की महिलाओं ने बाबा महाकाल को विशेष रूप से तैयार की गई राखियां अर्पित कीं।इस बार पंडित ओम गुरु और पंडित राजेश शर्मा के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार राखियां भगवान को समर्पित की गईं। इन राखियों में धार्मिक प्रतीकों और पारंपरिक डिजाइन का खास ध्यान रखा गया था।

राखी में दिखी शैव और वैष्णव परंपरा की झलक

बाबा महाकाल को अर्पित की गई एक विशेष राखी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इसमें भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण की परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।राखी में एक ओर भगवान श्रीकृष्ण का मोरपंख और गोमाता का प्रतीक शामिल किया गया था, जबकि दूसरी ओर भगवान शिव के त्रिशूल, डमरू और रुद्राक्ष को स्थान दिया गया था।वहीं, पंडित राजेश गुरु के परिवार की ओर से तैयार की गई रेशमी कपड़े और लेस से बनी राखी भी बाबा महाकाल को अर्पित की गई।

बाबा महाकाल को लगाया गया सवा लाख लड्डुओं का भोग

विशेष पूजा और भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इसके बाद प्रसादी श्रद्धालुओं में वितरित की गई।मंदिर के पुजारी पंडित राघव शर्मा ने बताया कि श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। रक्षाबंधन के दिन बाबा महाकाल के महाभोग की प्रसादी ग्रहण कर कई भक्त अपना उपवास पूरा करते हैं।रक्षाबंधन के अवसर पर महाकाल मंदिर में हुई इन धार्मिक परंपराओं ने श्रद्धालुओं के बीच खास उत्साह और आस्था का माहौल बना दिया।