बॉलीवुड ने हमेशा भाई-बहन के रिश्ते को अलग-अलग अंदाज में पर्दे पर पेश किया है। कभी प्यार और मस्ती के जरिए, तो कभी त्याग, संघर्ष और मुश्किल समय में साथ निभाने की कहानियों के जरिए। रक्षा बंधन के मौके पर उन फिल्मों को दोबारा देखने का मौका है, जो इस खास रिश्ते की गहराई और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से दिखाती हैं। इन फिल्मों में नजर आता है कि भाई-बहनों के बीच छोटी-छोटी नोकझोंक के पीछे कितना मजबूत प्यार और अपनापन छिपा होता है।
जोश (2000)
शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की फिल्म 'जोश' में दोनों ने जुड़वां भाई-बहन मैक्स और शर्ली का किरदार निभाया है। अलग-अलग परिस्थितियों और मतभेदों के बावजूद दोनों का एक-दूसरे के प्रति लगाव और सुरक्षा की भावना कहानी को खास बनाती है। फिल्म में भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती साफ दिखाई देती है।
दिल धड़कने दो (2015)
जोया अख्तर की फिल्म 'दिल धड़कने दो' में प्रियंका चोपड़ा और रणवीर सिंह ने भाई-बहन आयशा और कबीर मेहरा का किरदार निभाया है। दोनों की सोच और जिंदगी जीने का तरीका काफी अलग है, लेकिन इसके बावजूद वे एक-दूसरे की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। फिल्म में उनकी दोस्ती, बहस और मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देना भाई-बहन के वास्तविक रिश्ते को दिखाता है।
सरबजीत (2016)
'सरबजीत' फिल्म सरबजीत सिंह और उनकी बहन दलबीर कौर के संघर्ष की सच्ची कहानी पर आधारित है। जब सरबजीत पाकिस्तान की जेल में फंस जाते हैं, तो उनकी बहन दलबीर उनकी रिहाई के लिए वर्षों तक संघर्ष करती हैं। उनका हौसला और समर्पण दिखाता है कि एक बहन अपने भाई के लिए किस हद तक लड़ सकती है।
हम साथ-साथ हैं (1999)
'हम साथ-साथ हैं' एक ऐसी पारिवारिक फिल्म है, जिसमें रिश्तों की अहमियत को बेहद भावुक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म में भाई-बहनों के बीच प्यार, सम्मान और परिवार को जोड़े रखने की भावना नजर आती है। मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे के लिए खड़े रहना इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है।
माई ब्रदर... निखिल (2005)
'माई ब्रदर... निखिल' भाई-बहन के निस्वार्थ प्यार की भावुक कहानी है। फिल्म में निखिल की बहन अनामिका हर मुश्किल परिस्थिति में उसके साथ खड़ी रहती है। समाज के विरोध और चुनौतियों के बावजूद उसका भाई के प्रति विश्वास और समर्थन इस रिश्ते की गहराई को दर्शाता है।
फिजा (2000)
'फिजा' फिल्म में एक बहन के अपने भाई को वापस पाने के संघर्ष को दिखाया गया है। मुंबई दंगों के बाद जब अमान लापता हो जाता है, तो फिजा उसे खोजने की कोशिश जारी रखती है। यह फिल्म बहन के प्यार, उम्मीद और अपने परिवार को फिर से जोड़ने की कोशिश की भावनात्मक कहानी पेश करती है।