Bihar News: बिहार ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां 50 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बनी हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न आजीविका योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। पटना में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने बताया कि योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस राशि का इस्तेमाल रोजगार और आय बढ़ाने वाली गतिविधियां शुरू करने या अपने पुराने काम को विस्तार देने में किया।
1.81 करोड़ महिलाओं को मिली आर्थिक मदद
सम्राट चौधरी ने बताया कि योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं को राशि दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 37 फीसदी यानी 25 से 27 लाख महिलाओं ने इस पैसे का इस्तेमाल पशुपालन जैसी गतिविधियों में किया। वहीं करीब 18 फीसदी महिलाएं कृषि क्षेत्र से जुड़ीं। कई महिलाओं ने विनिर्माण गतिविधियां शुरू कीं और अपने उत्पादों के लिए बाजार तैयार करने की दिशा में भी काम किया।
3 लाख जीविका दीदियों की सालाना कमाई 2 लाख से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने आजीविका कार्यक्रमों के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 3 लाख 'जीविका दीदियां' सालाना 2 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 10 लाख से अधिक महिलाएं तीन तरह की आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं।
करीब 25 लाख महिलाएं दो तरह के रोजगार या आजीविका कार्य कर रही हैं। करीब 12 लाख महिलाएं फिलहाल एक प्रकार के रोजगार से जुड़ी हैं। इनमें बकरी पालन से लेकर ठेला लगाने और छोटे कारोबार तक कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं।
अब 'लखपति दीदियों' का अलग डेटा तैयार होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब ऐसी महिलाओं की पहचान और निगरानी के लिए एक समर्पित सिस्टम विकसित करेगी, जिन्होंने 'लखपति दीदी' का दर्जा हासिल किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि वास्तव में कितनी महिलाएं इस श्रेणी में पहुंची हैं और उनकी आर्थिक स्थिति को आगे कैसे मजबूत किया जा सकता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
'लखपति दीदी' पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और अन्य सरकारी सहायता तंत्र के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार में महिला केंद्रित विकास योजनाओं के प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने महिलाओं के लिए आजीविका के अवसरों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
'शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं विकसित बिहार की नींव'
इससे पहले सम्राट चौधरी ने पटना के मगध महिला कॉलेज में G+6 साइंस ब्लॉक और ऑडिटोरियम के निर्माण की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, आकांक्षाओं और जरूरतों को लेकर सुझाव लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की प्रगति ही बिहार की प्रगति है। उन्होंने छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं, कौशल और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को विकसित बिहार के निर्माण के लिए जरूरी बताया। बिहार सरकार के इस दावे के मुताबिक, 50 लाख महिलाओं का 'लखपति दीदी' बनना राज्य में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है।
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