Greco-Roman Wrestler Deepak: 19 सितंबर से जापान के आइची प्रीफेक्चर और नागोया में 20वें एशियन गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। इसके लिए काफी पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार का एशियन गेम्स 19 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाला है। लेकिन इस टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही एक खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है, जिसके चलते उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है।
एशियन गेम्स से पहले डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया ये खिलाड़ी
दरअसल, एशियन गेम्स 2026 से पहले जो खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है वो कोई और नहीं बल्कि ग्रीको-रोमन रेसलर दीपक हैं। दीपक का डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इस वजह से वो टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
बता दें कि कुश्ती में दीपक पहला नाम नहीं हैं, जिन्हें डोपिंग के कारण एशियाई खेलों से बाहर होना पड़ा है। उनसे पहले मुकुल दहिया और दीपांशु भी इसका सामना कर चुके हैं।
Another big blow for Indian wrestlers. 🤼♂️🇮🇳💔
— The Bridge (@the_bridge_in) September 9, 2026
Asian Games-bound greco roman grappler Deepak (67kg) provisionally suspended by NADA after testing positive.
He is the third Asian Games bound wrestlier to test positive.
Earlier, Deepanshu (Greco Roman 130kg)and Mukul Dahiya… pic.twitter.com/aFpk1SzvhT
यूरीन सैंपल में पाया गया क्लोमिफीन
नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी NADA के अनुसार सेलेक्शन ट्रायल के दौरान दीपक के यूरीन सैंपल में क्लोमिफीन पाया गया था, जोकि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में शामिल है। यह ड्रग 'हार्मोन और मेटाबोलिक मॉड्यूलेटर' की श्रेणी S4 के तहत प्रतिबंधित है।
यह एक टेस्टोस्टेरोन बूस्टर दवा है, जिसका उपयोग अक्सर कम टेस्टोस्टेरोन (हाइपोगोनाडिज्म) और पुरुष बांझपन (स्पर्म काउंट या क्वालिटी में कमी) के इलाज के लिए किया जाता है।
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भारतीय डाक सेवा में काम करते हैं दीपक
बताते चलें कि दीपक ने रिसेंट कुछ समय में काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया था और इसी के चलते उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में शामिल होने का मौका मिला। मगर डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के चलते वो इसमें हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
दीपक भारतीय डाक सेवा में काम करते हैं और यह पहला मौका था जब इस डिपार्टमेंट से एशियाई खेलों के लिए किसी रेसलर को चुना गया। लेकिन बदकिस्मती से उन्हें बाहर होना पड़ा है।
NADA ने बताया कि यह मामला पहली बार 23 जुलाई को सामने आया। उस दौरान दीपक के सैंपल की जांच के परिणाम गलत पाए गए और बाद में फिर इसकी जांच की गई और 17 अगस्त को दीपक का इंटरव्यू लेने के बाद मामले को आगे बढ़ाया गया।
ज्ञात हो कि दीपक को अभी सस्पेंड नहीं किया गया है, जिस वजह से वो आने वाले समय में इंडिया के लिए फिर खेल सकते हैं। लेकिन अगर कुछ चीजें गड़बड़ होती है तो उनपर बैन लगाया जा सकता है।
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक अधिकारी की मानें तो दीपक को भारी जुर्माने व अन्य चीजों से बचाने के लिए एशियन गेम्स से बाहर किया गया है। अगर एशियन गेम्स के दौरान वो डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाते तो उनपर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा 20 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता था।
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