Ajinkya Rahane on Shami: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शुक्रवार रात वीडियो जारी कर एक बड़ी घोषणा की कि वह अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेंगे, वह रिटायरमेंट की घोषणा करते हैं। इस ऐलान के साथ ही उनके 13 साल लंबे टेस्ट सफर का अंत हुआ।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 6 नवंबर 2013 को ही इस फॉर्मेट में अपना डेब्यू किया था। शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 122 पारियों में 27.71 की औसत और 3.30 की इकॉनमी रेट से 229 विकेट लिए।
उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6/56 रहा। इसके अलावा, उन्होंने 12 बार एक पारी में 4 विकेट और 6 बार 5 विकेट हॉल लिए। वहीं, शमी के संन्यास के बाद पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बड़ा बयान दिया है।
हम किस्मत वाले हैं- रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क से कहा,
"चाहे टेस्ट हो या वनडे, उन्होंने गेंदबाजी की और मैच जिताए। वह मुश्किल दौर से भी गुजरे, लेकिन मैदान पर उतरकर उन्होंने अपना कमिटमेंट और इरादा दिखाया। मैं बस इतना कहूंगा कि हम किस्मत वाले थे कि वह हमारी टीम में थे।"
उन्होंने आगे कहा, "नेट्स में उनका सामना करना सबसे मुश्किल होता था, जिस तरह से वह गेंदबाजी करते थे। उनकी सीम पोजीशन कमाल की थी। जब भी कोई मुश्किल स्थिति आती, तो वह कहते थे कि वह मैच जिता देंगे। उनका रवैया हमेशा ऐसा ही रहता था।"
उन्होंने काफी मेहनत की-रहाणे
मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था और इसके बाद से उन्हें दोबारा इस प्रारूप में खेलने का मौका नहीं मिला। रहाणे का कहना है कि उन्होंने टेस्ट में लौटने के लिए काफी मेहनत की। उन्होंने कहा,
"मुझे बिल्कुल ऐसा लगता है। उन्होंने कोशिश भी की, खासकर टेस्ट क्रिकेट में, जिस तरह से वह खेल रहे थे और गेंदबाजी कर रहे थे। इतना अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद वह घरेलू क्रिकेट में लौटे, अपना पूरा जोर लगाया और अच्छा प्रदर्शन किया।"
वह मौका पाने के हकदार थे-रहाणे
रहाणे का मानना है कि शमी टेस्ट टीम में एक और मौका पाने के हकदार थे, जैसे भुवनेश्वर कुमार ने टी20आई में वापसी की। रहाणे ने कहा,
"आप किसी अनुभवी खिलाड़ी से हमेशा एक जैसा प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं कर सकते। यहीं पर अनुभव काम आता है। मुझे उम्मीद थी कि उन्हें एक मौका मिलेगा, ठीक वैसे ही जैसे भुवी (भुवनेश्वर कुमार) ने वापसी की थी। उनके हाथों में हुनर और जादू है। वह रणजी ट्रॉफी में भी विकेट ले रहे थे। उन्होंने जिस तरह की मेहनत की थी, उसे देखते हुए मैं उन्हें एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए देखना चाहता था।"
ये भी पढ़ें- ‘भारत में पिचे सपाट होती हैं…’ जीत के नशे में चूर हुए गुरनूर बरार! भारतीय पिचों का सरेआम उड़ाया मजाक