महाराष्ट्र में ISIS आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई की विशेष NIA अदालत ने आरोपी डॉक्टर अदनान अली सरकार को दोषी करार देते हुए छह साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने अदालत में अपना गुनाह कबूल किया था।
UAPA और IPC की कई धाराओं में दोषी
विशेष NIA अदालत ने डॉ. अदनान अली सरकार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 के तहत दोषी ठहराया। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 201 और 120-B के तहत भी दोषी पाया। अदालत ने अलग-अलग अपराधों के लिए सजा सुनाई, लेकिन सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस कारण उसकी प्रभावी सजा छह साल की कठोर कैद होगी।
ISIS की विचारधारा फैलाने और युवाओं की भर्ती का आरोप
NIA की जांच के मुताबिक, इस मामले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा का प्रचार करने, युवाओं को संगठन से जोड़ने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और प्रचार सामग्री प्रसारित करने की साजिश का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी थे और विदेश में मौजूद ISIS हैंडलर इसके साथ जुड़े हुए थे।
जांच में 'Voice of Hind' और 'Voice of Khurasan' जैसी प्रचार पत्रिकाओं के प्रसार का भी मामला सामने आया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने महाराष्ट्र ISIS आतंकी मॉड्यूल मामले में आरोपी डॉ. अदनानअली सरकार को दोषी करार दिलवाया है।
2023 में NIA ने दर्ज किया था मामला
NIA ने 28 जून 2023 को गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर महाराष्ट्र ISIS मॉड्यूल मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी। इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। डॉ. अदनान अली सरकार को जुलाई 2023 में पुणे से गिरफ्तार किया गया था। अदालत में दोष स्वीकार करने के बाद उसे सजा सुनाई गई है। वहीं, मामले के बाकी पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से NIA की बड़ी कामयाबी
महाराष्ट्र ISIS मॉड्यूल मामले में हुई यह सजा आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार और युवाओं की भर्ती के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। NIA का कहना है कि ऐसे नेटवर्क को खत्म करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।