टीएनपी न्यूज़
ब्रेकिंग
अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली पर कारसेवकपुरम में दीपोत्सव मिलन समारोह में संतों से मुलाकात की। छत्तीसगढ़: दिवाली पूजा की सामग्री खरीदने के लिए बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है। गुजरात: दिवाली पर सोला भागवत मंदिर में भक्तों और व्यापारियों ने पारंपरिक चोपड़ा पूजन किया नक्सलवाद से मुक्त हुए बस्तर में पीएम मोदी वीर जवानों के साथ मनाएंगे दीपावली राहुल गांधी ने दी दीपावली की बधाई, कहा- 'हर दिल में प्रेम, शांति और सौहार्द का दीप जलाएं' लालकृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन पर PM मोदी ने दी बधाई, लिखा खास लेख जापान में भूकंप के जोरदार झटके, अफरा-तफरी में 22 लोग घायल तकनीकी खराबी से रेड लाइन पर शहीद स्थल-मेजर मोहित शर्मा स्टेशन के बीच मेट्रो प्रभावित जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 3.3 रही तीव्रता होर्मुज के पास बारूदी सुरंग से टकराए 2 तेल टैंकर, ईरान का दावा
धर्म

Diwali 2026: आज कितने बजे करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

दिवाली 2026 पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल, अमावस्या तिथि, महानिशीथ काल और घर पर पूजा करने की आसान विधि जानें।

Diwali 2026: आज कितने बजे करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
Diwali 2026

दिवाली का त्योहार खुशियों, रोशनी और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं। शाम के समय मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है।

अगर आप भी आज दिवाली की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ समय, प्रदोष काल, अमावस्या तिथि और पूजा करने का आसान तरीका।

आज लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ समय शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है। इस तरह पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट का समय रहेगा।

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह समय प्रदोष काल और वृषभ लग्न का है। वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। यही वजह है कि इस दौरान घरों में लक्ष्मी पूजन करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

दिवाली पर प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा?

दिवाली के दिन प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। यह समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। 8 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। इसके बाद प्रदोष काल शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।

इस दौरान परिवार के लोग एक साथ बैठकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं। घर के मंदिर में दीपक जलाने के साथ मुख्य दरवाजे पर भी दीये रखने की परंपरा है।

जानिए अमावस्या तिथि का समय

दिवाली हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। इस बार अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा।

इसी तिथि में दिवाली का मुख्य पूजन और दीपोत्सव मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या की रात घर में दीपक जलाने से अंधकार दूर होता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

व्यापारियों के लिए पूजा के शुभ समय

दिवाली का त्योहार कारोबारियों और व्यापारियों के लिए भी बेहद खास होता है। इस दिन दुकानों, ऑफिस और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बही-खातों, तिजोरी और कारोबार से जुड़ी चीजों की पूजा की जाती है।

बताए गए पंचांग के अनुसार, पूजा के लिए लग्न का समय इस प्रकार है:

  • कुंभ लग्न: दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 54 मिनट तक।
  • सिंह लग्न: रात 12 बजकर 25 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट तक।

व्यापारी अपनी सुविधा, परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय तय कर सकते हैं।

दिवाली पर महानिशीथ काल का समय

दिवाली की रात महानिशीथ काल को विशेष महत्व दिया जाता है। यह समय खासतौर पर तंत्र साधना, मंत्र जाप और विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल महानिशीथ काल रात 11 बजकर 39 मिनट से देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशा पूजा और काली पूजा के लिए रात 1 बजकर 37 मिनट से सुबह 3 बजकर 15 मिनट तक का समय बताया गया है।

घर में कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा?

दिवाली पर पूजा करने के लिए बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं होती। साफ-सफाई और श्रद्धा के साथ घर पर आसानी से लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जा सकता है।

पूजा की सरल विधि इस प्रकार है:

  • सबसे पहले घर और पूजा वाली जगह को अच्छी तरह साफ कर लें।
  • एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • पूजा की थाली में रोली, अक्षत, फूल, धूप, दीपक, फल और मिठाई रखें।
  • सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित करें।
  • इसके बाद मां लक्ष्मी को फूल, कमल और मिठाई चढ़ाएं।
  • माता के सामने घी का दीपक जलाएं और पूरे परिवार के साथ आरती करें।
  • पूजा के दौरान परिवार की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

पूजा पूरी होने के बाद घर के मुख्य दरवाजे, आंगन, बालकनी और तुलसी के पास दीपक जलाएं। इसके बाद परिवार के साथ मिठाई बांटकर दिवाली का त्योहार खुशी से मनाएं।

 

(डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि TNP News नहीं करता है)

T

तोशी शाह एक अनुभवी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है, इन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से मास्टर डिग्री हासिल की है। अपने करियर के दौरान उन्हें विभिन्न विषयों पर समाचार और फीचर स्टोरी लिखने का अनुभव प्राप्त किया है। तोशी को राजनीतिक खबरों, ऑटोमोबाइल न्यूज़ और सॉफ्ट न्यूज़ लिखने में विशेष दिलचस्पी है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नई कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों, ऑटो इंडस्ट्री के अपडेट्स और ऑटो टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर लिखना उन्हें पसंद है, साथ ही लाइफस्टाइल, हेल्थ, रिलेशनशिप, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर सॉफ्ट न्यूज़ करने का अनुभव है।

शॉर्ट वीडियो

सभी वीडियो