Basit Ali on Nana Patekar: भारतीय दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर की सुबह इस दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना जब अपने गोवा स्थित अपने घर पर थे, उस समय उनको कार्डियक अरेस्ट आया और परिवारजन उनको तुरंत मणिलाल अस्पातल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनको करीब 45 मिनट तक CPR दिया।
हालांकि, उनकी सभी कोशिशें नामाम रहीं और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नाना के जाने से न सिर्फ भारत में शोक प्रकट किया जा रहा है, बल्कि पाकिस्तानी कलाकारों ने भी उनको श्रद्धांजलि दी।
इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने अभिनेता के साथ अपनी पुरानी दोस्ती के बारे में भावुक बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे नाना ने मुश्किल परिस्थितियों में उनके परिवार का साथ दिया था।
हमारी पहली बात 1994 में हुई
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने नाना पाटेकर जाने पर शोक प्रकट किया और सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा, "सुबह-सुबह मुझे दुखद खबर मिली। हमारे बहुत प्यारे भाई, दोस्त और एक महान कलाकार अब इस दुनिया में नहीं रहे।
Former Pakistan cricketer Basit Ali’s emotional tribute to Nana Patekar is a beautiful reminder of a friendship that transcended borders. He recalled how the Bollywood legend stayed in touch for decades, checked on his mother during her illness, and reached out after Basit’s own heart surgery. Beyond the screen, Basit remembered Nana as a warm, caring and genuinely good human being. His words also showed just how deeply Nana Patekar was admired in Pakistan. Some artists belong to everyone. Nana Patekar was loved equally on both sides of the border. 🇮🇳❤️🇵🇰
— Brutal Truth (@sarkarstix) October 8, 2026
नाना पाटेकर साहब का निधन हो गया है। वे कितने बेहतरीन इंसान थे। वे फिल्मों में बिल्कुल वैसे ही अभिनय करते थे जैसे असल जिंदगी में थे। हमने लतीफ का निकनेम 'नाना' रखा था। नाना पाटेकर की वजह से ही हमारी पहली बार 1994 में बात हुई थी, और वहीं से सब शुरू हुआ।"
मुश्किल वक्त में खड़े थे साथ
नाना पाटेकर जीतने बेहतरीन कलाकार थे, उतने ही शानदार इंसान भी थे। नाना को लेकर बासित अली ने एक बात बताई। उन्होंने कहा कि जब उनकी मां अस्पताल में भर्ती थीं, तब नाना पाटेकर उनके परिवार का हाल-चाल जानने के लिए फोन किया करते थे।
उनकी मां के निधन के बाद भी अभिनेता ने उन्हें भावनात्मक सहारा दिया और बाद में जब उन्हें दिल की समस्या हुई, तो उन्होंने उनकी सेहत के बारे में भी पूछा। “अब बहुत सारी यादें हैं। आम तौर पर, हम महीने में एक या दो बार बात करते थे।
नाना हर सप्ताह फोन किया करते थे
बासित अली ने कहा कि जब मेरी मां जिंदा थीं और हॉस्पिटल में थीं, तो नाना उनको हर हफ्ते फोन किया करते थे। वह बहुत दुआएं करते थे, मेरी माँ से लंबी बातें करते थे और पुरानी कहानियां सुनते थे। जब मेरी मां गुजर गईं, तो उन्होंने मुझसे कहा,
‘’अरे बासित, अब अपना ख्याल रखना’। और जब मुझे दिल की तकलीफ हुई और मैं घर लौटा, तो मुझे एक मैसेज मिला जिसमें मेरी सेहत के बारे में पूछा गया था और कहा गया था कि जब बेहतर महसूस करूं तो फोन करूं। जब मैंने उन्हें वापस फोन किया, तो उन्होंने पूछा कि सब कैसा रहा, जिसमें स्टेंट लगाने की प्रक्रिया भी शामिल थी।”
ये भी पढ़ें- शुभमन गिल कप्तान-श्रेयस अय्यर उपकप्तान, न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए संभावित टीम इंडिया स्क्वाड