आज का पंचांग: आज 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। पितृपक्ष के दौरान आने वाली सप्तमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। शुक्रवार होने के कारण आज का दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
आज की तिथि और नक्षत्र
आज आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। दिन की शुरुआत सप्तमी तिथि से होगी और इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। आज मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे।
* वार: शुक्रवार
* तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी
* मास: आश्विन
* पक्ष: कृष्ण
* नक्षत्र: मृगशिरा
* योग: व्यतीपात
* करण: विष्टि
* चंद्र राशि: वृषभ
* सूर्य राशि: कन्या
* विक्रम संवत: 2083
* शक संवत: 1948
आज के शुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और शुभ काम के लिए मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। आज के प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं:
* ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:42 बजे से 5:31 बजे तक
* अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक
* गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:48 बजे से 6:36 बजे तक
आज राहुकाल कब रहेगा?
आज शुक्रवार होने के कारण राहुकाल सुबह के समय रहेगा। इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।
राहुकाल: सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक
इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:49 बजे से 9:18 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:14 बजे से शाम 4:43 बजे तक रहेगा।
आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
* सूर्योदय: सुबह 6:20 बजे
* सूर्यास्त: शाम 6:12 बजे
* चंद्रोदय: रात 10:36 बजे
* चंद्रास्त: दोपहर 12:05 बजे
आज पितृपक्ष की सप्तमी का महत्व
पितृपक्ष में सप्तमी तिथि का धार्मिक महत्व है। जिन परिवारों में किसी पूर्वज का निधन सप्तमी तिथि को हुआ हो, उनके लिए आज श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान विधि-विधान से पितरों का स्मरण और तर्पण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्राद्ध कर्म के दौरान पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित किया जाता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और दान देना भी इस अवधि में शुभ माना जाता है।
शुक्रवार को क्या करें?
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। आज घर में साफ-सफाई रखने, मां लक्ष्मी की पूजा करने और जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद वस्तुओं का दान करने की धार्मिक मान्यता है। पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को सफेद फूल और मिठाई अर्पित की जा सकती है।