International News: उलटा चोर कोतवाल को डांटे... ऐसा ही हाल इस समय पाकिस्तान का है। जो बार-बार अपनी नापाक हरकतों से भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, लेकिन भारतीय सेना भी हर बार मुंह तोड़ जवाब देती है और पाकिस्तान को शिख्सत का सामना करता पड़ता है। पाकिस्तान की चालाकी हर बार धरी की धरी रह जाती है। ऐसा ही कुछ मंगलवार को समुद्री क्षेत्र में फिर से देखने को मिला। इस बार पाकिस्तान ने अरब सागर में इंटरनेशनल वॉटर्स लाइन के पास अपनी नापक साजिश को पूरा करने का प्रयास किया।

पाकिस्तान की कायराना हरकत की खुली पोल

पाकिस्तानी नेवी के जहाज ने भारतीय युद्धपोत को टक्कर मारी। गनीमत रही की INS कोलकाता को नुकसान नहीं पहुंचा। पाकिस्तान के इस कायराना हरकत को 1991 के उस समझौते का उल्लंघन माना गया, जिसमें ऐसे किसी भी मूव की जानकारी पहले ही दूसरे देश को देनी होती है। पाकिस्तान की चालाकी और लापरवाह का भारत ने भी जवाब दिया। भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के इंचार्ज को तलब कर इस घटना पर आपत्ति जाहीर की है।

INS कोलकाता को मारी टक्कर

लेकिन यहां पाकिस्तान खुद की चालाकी की पोल उस समय खुल गई जब, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी गलती मानने के बजाय भारतीय नौसेना पर ही आरोप लगाया। लेकिन कहते है ना कि चोर की दाढ़ी में तिनका ही बता देता है कि वही असली चोर है। ऐसी ही गलती पाकिस्तान ने भी कर दी। दरअसल पाकिस्तानी जहाज ने खुद भारतीय युद्धपोत INS कोलकाता को टक्कर मारी। पाकिस्तान का कहना था कि, समुद्री क्षेत्र में घुसने और नौसैनिक अभ्यास में बाधा डालने की बात कहकर आरोप लगाया।

अपने बुने जाल में कैसे फंसा पाकिस्तान

अब उल्टा पाकिस्तान ही अपनी बुने जाल में फंस चुका है। पाकिस्तान का कहना है कि, भारत ने पाकिस्तानी शिप को गैर पेशेवर करार देते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त के इंचार्ज को लताड़ा। इस्लामाबाद में तैनात भारत के प्रभारी राजनयिक को बुलाकर आपत्ति जाहिर की। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारतीय युद्धपोत ने उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र उकसाने वाली गतिविधियां की। भारत ने इस मामले में साफ कर दिया है कि खुद पाकिस्तानी जहाज भारतीय युद्धपोत से आकर टकराया।

पाकिस्तान ने लगाए आरोप?

दरअसल पाकिस्तान ने दावा करते हुए कहा कि, उसके नौसेना का द्विवार्षिक अभ्यास SEASPARK-26 1 सितंबर से शुरु हुआ। 7 सितंबर को भारतीय युद्धपोत INS कोलकाता और उसके साथ मौजूद हेलीकॉप्टर ने कई बार उनके अभ्यास क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया। पाकिस्तान का कहना है कि, कई बार भारतीय जहाज को चेतावनी भी दी गई। लेकिन इसके बाद भी भारत पीछे नहीं हटा। पाकिस्तान ने भारत की उस दलील को खारिज कर पाकिस्तान की गतिविधि को नियमित नौसैनिक तैनाती बताया है।

भारत के दिए बयान को ही उल्टा कर अपना राग अलाप रहा पाकिस्तान

यह मामला 15 सितंबर को ज्यादा गंभीर हो गया था जब INS कोलकाता से पाकिस्तानी नौसेना का PNS हुनैन टक्कराया। भारत ने दाा कर कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने सुरक्षा को ताक पर रखते हुए INS कोलकाता के करीब आकर अपनी दिशा बदली और जान बुझकर INS से टकराया। भारत के आरोपों को पाकिस्तान ने उल्टा कर अपना राग अलापना शुरु कर दिया। ऐसे में समझौते की गुंजाइश ना के बराबर थी।

1991 के किस समझौते का किया उल्लंघन?

6 अप्रैल 1991 में नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर सैन्य तनाव कम करने का प्रयास किया गया। इसके तहत पाकिस्तान की गलतफहमियों को दूर करने अचानक होने वाले संघर्षों पर विराम लगाने का प्रावधान तय किया गया था। इसमें युद्धाभ्यास, औसैन्य अभ्यास और सैनिक गतिविधियों को लेकर पहले ही सूचना देने की बात तय की गई थी।

इस समझौते के तहत अनुच्छेद 10 में यह साफ हुआ कि, इसका मुख्य उपद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को हादसे से बचने के लिए एक दूसरे से 3 नॉटिकल मील की दूरी रखने की बात सामने आई। जिसका उल्लंघन पाकिस्तान ने किया और टक्कर के हालात बने।

 

यह भी पढ़ें; जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में 2 आतंकी ढेर