यूपी के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इस मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी आरोपियों से पुलिस अभी पुछताछ में जुटी हुई। इसी विपक्षी नेता इस मामले को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। वहीं इस बयान पर सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया है।

अखिलेश के बयान पर सीएम योगी का पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया है। सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वे आज अयोध्या के विकास की बात कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे पहले अपने पुराने कार्यकाल का इतिहास देखें और फिर रामलला के दर्शन कर पश्चाताप करें, जिससे उन्हें सद्बुद्धि प्राप्त होगी।

धार्मिक परंपराओं के विरोध का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हिंदू आस्था और धार्मिक परंपराओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का स्वरूप बदल चुका है और यह त्रेता युग की याद दिलाने वाली नगरी बन रही है। योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान कृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई गई थी और कांवड़ यात्रा को भी बाधित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने मंदिरों के सुंदरीकरण पर ध्यान दिया, जबकि पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च होता था।

मथुरा-वृंदावन पर भी बोलने की चुनौती

सीएम योगी ने अखिलेश यादव को मथुरा और वृंदावन के मुद्दे पर भी खुलकर बोलने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश वास्तव में धार्मिक आस्था रखते हैं तो उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के सम्मान की भी खुलकर बात करनी चाहिए। योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के पास प्रदेश के विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल तुष्टिकरण की राजनीति करती है।

Written By: Geeta Sharma