तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। टीवीके प्रमुख विजय ने सरकार गठन का दावा पेश करते हुए राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। हालांकि,बहुमत को लेकर जारी राजनीतिक असमंजस और के बीच राज्य में नई सरकार के गठन पर सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने 5 मई से तमिलनाडु की 16वीं विधानसभा को भंग करने का निर्णय लिया है।
बहुमत सिद्ध करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन अनिवार्य
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि बहुमत सिद्ध करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन अनिवार्य है। टीवीके के पास फिलहाल 107 विधायकों का समर्थन है। जबकि कांग्रेस ने 5 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है। इसी आधार पर कुल संख्या 112 तक पहुंचती है।
विजय ने बहुमत के लिए राज्यपाल से की समय की मांग
विजय ने राज्यपाल से अतिरिक्त समय की मांग की है। वीसीके ने संकेत दिया है कि वह गुरुवार को समर्थन पर निर्णय लेगी, जबकि वाम दलों के 4 विधायकों के रुख पर भी 8 मई तक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। पीएमके के 4 विधायकों ने विजय से मुलाकात की है, लेकिन उन्होंने अभी तक औपचारिक समर्थन नहीं दिया है।
टीवीके को मिल सकता है AIADMK का समर्थन
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि AIADMK और कांग्रेस के कुछ गुट टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को बाहरी समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि पार्टी स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। AIADMK के वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासन में शामिल होने की बजाय समर्थन देने की संभावना जताई है।
कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने के लिए रखी शर्त
कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देते हुए शर्त रखी है कि किसी भी सांप्रदायिक ताकत को गठबंधन में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस टीवीके के समर्थन को मजबूत करने के लिए सीपीएम, सीपीआई, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसे दलों से संपर्क में है, जो पहले डीएमके के सहयोगी रहे हैं।
Written By: Geeta Sharma