Vande Mataram Bill Pass 2026: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार, 30 जुलाई को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 लोकसभा से पारित हो गया। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए पेश किया था। चर्चा और मतदान की प्रक्रिया के बाद सदन ने इसे मंजूरी दे दी।
विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम
विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन करना है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रावधान किए गए हैं। नए संशोधन के माध्यम से सरकार ने मौजूदा कानूनी ढांचे को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया है।
राज्यसभा से पहले ही मिल चुकी थी मंजूरी
लोकसभा में पारित होने से पहले यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो चुका था। अब लोकसभा की मंजूरी मिलने के बाद इसके आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह संशोधन राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और नागरिकों के बीच राष्ट्र भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विपक्ष ने जताया विरोध, सदन में हुआ हंगामा
विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों ने कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के सदस्यों के नारेबाजी और हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही जारी रही। सरकार की ओर से विधेयक को राष्ट्रीय हित से जुड़ा बताते हुए इसे आवश्यक सुधार बताया गया।
सत्तापक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को समय के साथ मजबूत करना जरूरी है, ताकि देश के प्रतीकों का अपमान रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सके। वहीं विपक्ष ने विधेयक को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और सरकार पर जल्दबाजी में कानून पारित कराने का आरोप लगाया।
लोकसभा की कार्यवाही 31 जुलाई तक स्थगित
विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अगले दिन यानी 31 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। दिनभर सदन में विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गरम रहा और विपक्ष के विरोध के कारण कई बार कार्यवाही प्रभावित हुई।
राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों में संशोधन को लेकर संसद में हुई यह कार्रवाई सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच हुई है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े मामलों में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
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Written By: Geeta Sharma