अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए। सोमवार, 20 जुलाई को साझा की गई जानकारी में कहा गया कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। हमलों के दौरान मिसाइलों और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया।

अमेरिकी प्रशासन ने लगाया आरोप

अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इसी कारण अमेरिका उसकी सैन्य ताकत को सीमित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इन सैन्य कार्रवाइयों का मकसद ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। उनके अनुसार, अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा।

ईरान ने भी किया जवाबी हमला

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई की है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई। बताया गया कि ईरानी ड्रोन से गिराए गए एक विस्फोटक को निष्क्रिय करने के दौरान उसमें धमाका हो गया, जिससे सैनिक की जान चली गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।

ओमान तट के पास व्यापारी जहाज में आग

उधर, ब्रिटिश नौसेना ने जानकारी दी कि ओमान के तट के निकट एक व्यापारिक जहाज में भीषण आग लग गई। आग लगने की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह घटना हालिया संघर्ष से जुड़ी हो सकती है। इसी बीच, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखी है।

 

 

Written By Toshi Shah