अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। हालिया घटनाक्रम में अमेरिका ने लगातार सातवीं रात भी ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में संभावित खतरों को सीमित करना है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की जा रही है। ट्रंप पहले भी संकेत दे चुके हैं कि यदि हालात नहीं सुधरे तो हमलों का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान का विकल्प भी खुला रखा जाएगा।
अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को ईरान ने मार गिराया
वहीं, दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में कई अहम दावे किए हैं। ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, बुशेहर क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। ईरान का कहना है कि करोड़ों डॉलर कीमत वाला यह आधुनिक ड्रोन कुछ ही क्षणों में नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इस दावे की अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने अमेरिका को दी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी हवाई हमले आने वाले दिनों में जारी रहे तो ईरान पूरी ताकत के साथ व्यापक जवाबी सैन्य अभियान शुरू करेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन देशों की भूमि, हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का उपयोग अमेरिका ईरान के खिलाफ करेगा, वहां मौजूद अमेरिकी हितों और कंपनियों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
IRGC ने अमेरिका पर लगाया आरोप
इस बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बढ़ गया है। ईरानी सरकारी मीडिया और तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया कि इस समुद्री मार्ग के दक्षिणी हिस्से में दो तेल टैंकर विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरान का कहना है कि उसने पहले ही जहाजों को इस मार्ग से दूर रहने की चेतावनी दी थी। IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के कारण यह रणनीतिक समुद्री मार्ग अब पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। इसके अलावा ईरानी मीडिया ने कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों का दावा किया, जिसमें जॉर्डन के मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान के इन इलाकों में विस्फोट
इसी दौरान ईरान के यज्द, फार्स और खुज़ेस्तान प्रांत के अहवाज शहर समेत कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया ने इन घटनाओं को अमेरिकी मिसाइल हमलों से जोड़ा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को और गंभीर बना दिया है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस संकट के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
Written By Toshi Shah