Lucknow News: उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे कनेक्ट करने के लिए 51 किलोमीटर लंबे नए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लखनऊ जिले के 42 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे 6,000 से अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं। जिला प्रशासन की प्रभावी संवाद रणनीति और आपसी सहमति से अब तक कुल आवश्यक भूमि का 70 प्रतिशत हिस्सा खरीदा जा चुका है।

अगस्त अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी
जनवरी में जमीन अधिग्रहण की शुरुआत के समय किसानों ने विरोध जताया था, लेकिन प्रशासन ने संवाद के जरिए उन्हें भूमि का उचित मुआवजा और परियोजना का महत्व समझाया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और 70% किसानों ने स्वेच्छा से अपनी जमीन दी। प्रशासन का लक्ष्य अगस्त के अंत तक बाकी बची 30 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा कर तुरंत निर्माण कार्य शुरू कराने का है। इस परियोजना की घोषणा जुलाई 2025 में की गई थी।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, व्यापार को मिलेगी रफ्तार
इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रियों और व्यापारियों को बड़ा फायदा पहुंचेगा । बाहर से आने वाले भारी वाहनों और ट्रकों को लखनऊ शहर के अंदर दाखिल नहीं होना पड़ेगा, जिससे राजधानी में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल जाने वाले वाहनों को बिना रुकावट के सीधा मार्ग मिलेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। सुगम कनेक्टिविटी से किसानों के लिए अपनी उपज दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा, साथ ही पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

यह 51 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे न केवल लखनऊ के गांवों को जोड़ेगा, बल्कि पूरे प्रदेश के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।  

और पढे़ं: यूपी का एक और एक्सप्रेसवे बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हब! युवाओं को मिलेगा रोजगार

 

Written by Shailesh Yadav