शिवसेना ने रविवार को मुंबई के दादर स्थित कबूतर खाना के श्री हनुमान मंदिर से राज्यव्यापी ‘रामरक्षा आंदोलन’ की शुरुआत की। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, श्रद्धालु और हिंदू समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी ने घोषणा की कि यह आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। शिवसेना (UBT) का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से कथित चोरी के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना और धार्मिक आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से दर्ज किया गया विरोध

‘रामरक्षा आंदोलन’ के तहत राज्यभर के राम और हनुमान मंदिरों में हनुमान चालीसा, श्री राम आरती और श्री रामरक्षा स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। दादर में आयोजित पहले कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस कार्यक्रम में अयोध्या से आए साधु-संत भी शामिल हुए। उद्धव ठाकरे के मंदिर पहुंचने से पहले पार्टी नेताओं और संतों ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना की। बाद में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी कार्यक्रम में पहुंचे और आंदोलन का औपचारिक शुभारंभ किया।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

आंदोलन के उद्घाटन कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पार्टी नेताओं ने इसे धार्मिक आस्था की रक्षा और पारदर्शिता की मांग से जुड़ा अभियान बताते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं के सम्मान के लिए शुरू किया गया है। पार्टी का दावा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में मंदिरों के माध्यम से इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और कार्यकर्ता भाग लेंगे।

सरकार से क्या है मुख्य मांग?

शिवसेना (UBT) का कहना है कि अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से कथित चोरी का मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि धार्मिक संस्थानों में भी इस तरह की घटनाएं होती हैं और उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है। इसलिए सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

बीजेपी पर उद्धव ठाकरे का हमला

आंदोलन की शुरुआत से पहले उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और कई राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद देश में अव्यवस्था का माहौल है और आम जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि अविभाजित शिवसेना और लाखों हिंदू भी सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में कारसेवकों ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। उन्होंने गोधरा ट्रेन अग्निकांड, अहमदाबाद दंगे और मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने इन घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया और आज "बेलगाम सत्ता" का आनंद ले रही है।

पूरे महाराष्ट्र में चलेगा अभियान

शिवसेना (UBT) ने स्पष्ट किया है कि ‘रामरक्षा आंदोलन’ आने वाले दिनों में पूरे महाराष्ट्र में विस्तार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जोड़ना और अयोध्या राम मंदिर दान पात्र मामले में न्याय तथा पारदर्शी कार्रवाई की मांग को राज्यव्यापी जनआंदोलन का रूप देना है। पार्टी का मानना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी संदेश को लेकर यह अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।

Written By: Geeta Sharma