शिवसेना (Uddhav Balasaheb Thackeray) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी विधायकों की बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहने और जनसंपर्क बढ़ाने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि आने वाले समय में पार्टी को संगठन और जनआंदोलनों, दोनों स्तरों पर मजबूती से काम करना होगा।
बैठक में राम मंदिर की दानपेटी से जुड़ी चोरी पर भी चर्चा
बैठक में राम मंदिर की दानपेटी से जुड़ी चोरी की घटना का भी मुद्दा उठाया गया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी इस मामले को लगातार उठा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि शिवसेना (यूबीटी) भी इसे राज्यव्यापी जनआंदोलन का विषय बनाए। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा की कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद अगले सप्ताह नागपुर में 'रामरक्षा आंदोलन' आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में होगा और इसमें स्वयं उद्धव ठाकरे शामिल रहेंगे।
डिलिमिटेशन पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान विधानसभा क्षेत्रों के संभावित परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर भी चर्चा हुई। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भले ही अभी इसकी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन पार्टी को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सभी विधायकों को संभावित बदलावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं, निर्वाचन आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया गया। ठाकरे ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़ी इस प्रक्रिया पर लगातार नजर रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने दें।
बागी नेताओं और उनके समर्थकों को लेकर उद्धव ठाकरे ने कही ये बात
संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण संकेत दिए गए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन स्थानों पर बागी नेताओं और उनके समर्थकों के जाने से संगठन में पद रिक्त हुए हैं, वहां जल्द नई नियुक्तियां की जाएंगी, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर संगठन में बदलाव किए जाएंगे तथा नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देकर पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा। वहीं, बैठक के माध्यम से उद्धव ठाकरे ने पार्टी विधायकों को स्पष्ट संदेश दिया कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन विस्तार, जनसंपर्क और आंदोलन तीनों मोर्चों पर समान रूप से सक्रिय रहना आवश्यक होगा।
Written By Toshi Shah