महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। हिंगोली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना को तोड़ने के पीछे कोई 'ऑपरेशन टाइगर' नहीं, बल्कि 'ऑपरेशन देवेंद्र' चलाया गया था। ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुनियोजित तरीके से उनके सांसदों को एकनाथ शिंदे के खेमे में भेजा, ताकि महाराष्ट्र का कोई नेता भविष्य में देश के सर्वोच्च पद तक न पहुंच सके।

उद्धव ठाकरे का बड़ा दावा

उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि आज नहीं तो कल देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के किसी नेता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होने से रोकने के लिए राजनीतिक रणनीति के तहत उनकी पार्टी को कमजोर किया गया। ठाकरे ने कहा कि यह केवल उनका अनुमान नहीं, बल्कि उनका दृढ़ विश्वास है।

'शिंदे को भाजपा इस्तेमाल करके फेंक देगी'

अपने भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने शिंदे को 'मिंधे' कहकर संबोधित करते हुए कहा कि जब उनका राजनीतिक उपयोग समाप्त हो जाएगा, तब उन्हें 'कचरे के डिब्बे में फेंक दिया जाएगा।' ठाकरे के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

'चालबाज दोस्त कितना खतरनाक हो सकता है'

दूसरी ओर, हाल ही में उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के एक ही विमान से नागपुर जाने को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस एक अनुभवी और चतुर नेता हैं, जिन्हें अच्छी तरह पता है कि चालबाज दोस्त कितना खतरनाक हो सकता है।

शिंदे ने वर्ष 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम का क्यों किया जिक्र?

शिंदे ने वर्ष 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और अविभाजित शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा और एक ही विमान से यात्रा की थी, लेकिन बाद में उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना ली। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे ने उस समय जनादेश के विपरीत फैसला लिया था।

Written By: Geeta Sharma