पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा सामने आया। जिले के गोविंदपुर रेल फाटक पर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक वैन ट्रेन की चपेट में आ गई। इस भीषण टक्कर में दो स्कूली छात्रों और एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे और एक साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
रेल फाटक पार करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा बहरामपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित गोविंदपुर रेल गेट पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय रेलवे फाटक खुला हुआ था। इसी दौरान स्कूली वैन चालक ने रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की, तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई और वैन को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में उड़े वैन के परखच्चे
टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
गेटमैन की भूमिका पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद रेलवे फाटक की सुरक्षा व्यवस्था और गेटमैन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से कुछ समय पहले एक अपलाइन ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद किया गया था। ट्रेन निकलने के बाद गेट खोल दिया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद विपरीत दिशा से दूसरी ट्रेन आ गई। आरोप है कि दूसरी ट्रेन के आने से पहले रेलवे फाटक दोबारा बंद नहीं किया गया, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
रेलवे प्रशासन का नहीं आया कोई बयान
हालांकि, रेलवे प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं लापरवाही या नियमों की अनदेखी तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।
वैन में कुल 8 लोग थे सवार
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई स्कूली वैन में कुल 8 लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो स्कूली बच्चों और एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में एक साइकिल सवार भी घायल हुआ है, जो उस समय रेलवे फाटक के पास मौजूद था।
एंबुलेंस की मदद से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
जांच जारी, प्रशासन पर उठे सुरक्षा के सवाल
घटना के बाद रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा पर उठा सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटकों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Written By: Geeta Sharma