पश्चिम बंगाल की राजनीतिक में उथल-पुथल मची हुई है। पहले टीएमसी पार्टी में आपसी मतभेद सामने आ गया। फिर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पर ईडी की छापेमारी। इसी बीच फालता से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि जहांगीर खान को राज्य पुलिस की STF ने गिरफ्तार किया है। बंगाल में तख्ता पलट के बाद ऐसा लग रहा है कि टीएमसी पार्टी का पतन होने जा रहा है।
जहांगीर पर लगे थे कई गंभीर आरोप
बता दें, बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही जहांगीर फरार थे। उनकी तलाश जारी थी। 8 जून, सोमवार को जहांगीर खान को एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। चुनाव से पहले एसआईआर के समय से ही उनपर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन पर बीएलओ को प्रभावित करने और मृतकों के नाम सूची में जोड़ने का आरोप लगा
था।
जहांगीर खान के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उठाई थी आवाज
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने उनके खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद चुनाव से पहले इलाके में धमकाने के आरोप लगे। आयोग ने उत्तर प्रदेश के विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में डुंडी पुलिस स्टेशन भेजा था।
EVM मशीन पर टेप चिपकाने का आरोप
फालता विधानसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान क्षेत्र में कई धांधलियां सामने आईं थी। वोटिंग के बीच ही कई ईवीएम पर सेलोटेप चिपका दिए गए थे। इसका आरोप जहांगीर पर लगा था। इसके बाद ही चुनाव आयोग ने फालता में दोबारा चुनाव की घोषणा की थी।
बंगाल में टीएमसी की हार के बाद फरार था जहांगीर
बंगाल में 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 21 मई तक जहांगीर पूरी तरह से 'गायब' हो चुके थे। चुनाव से ठीक 2 दिन पहले अपना नाम वापस ले लिया था। तब से वह फरार थे।
नेपाल के रास्ते विदेश भागने का था प्लान
जानकारी के अनुसार जहांगीर खान ने कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन राज्य ने उस सुरक्षा को वापस लेने के लिए आवेदन दिया था। इसी बीच जहांगीर खान ने नेपाल के रास्ते विदेश भागने की योजना बनाई थी, जो विफल रहा।
TMC नेताओं की क्यों हो रही गिरफ्तारी
बंगाल में बीजेपी की सरकार के आने के बाद से कई टीएमसी नेताओं गिरफ्तारी की जा रही है। बता दें, पुलिस की टीम टीएमसी नेताओं पर लगे आरोपों की जांच कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है। तो कई टीएमसी नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया है।
Written By: Geeta Sharma