रांची। झारखंड में पिछले 16 दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की CBI और ED जांच हो और JPSC-JSCC परीक्षा को रद्द किया जाए।
छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों-अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर तीनों सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
परीक्षा में धांधली की होगी जांच
JPSC-JSCC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन के बीच उम्मीदवारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, "आज तीसरे दिन की वार्ता और व्यापक विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों पर सरकार ने तय किया कि 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों से जुड़ी अनियमितताओं को दो तरीके से देखा जाएगा। आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी।
इसके अलावा वित्तीय असर और अवैध वित्तीय लेन-देन के सबूतों को देखते हुए ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। इसके बाद एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई जाएगी और 90 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
परीक्षा में सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञों की एक समिति
सरकार ने कहा कि इस प्रक्रिया का मार्गदर्शन करने के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाकर सुधार किया जाएगा। इन चर्चाओं के बाद, छात्र प्रतिनिधियों ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग की और सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि चूंकि परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी इसलिए इसे रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है... सरकार ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाकर जांच की देखरेख करने का प्रस्ताव दिया मगर छात्रों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सरकार उठाए गए 98 प्रतिशत बिंदुओं पर सहमत हो गई और बाकी दो प्रतिशत जो विशेष रूप से CGL परीक्षा रद्द करने की मांग है। इस पर सरकार का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर जो परीक्षा कराई गई है, उसे सरकार अपनी तरफ से रद्द नहीं कर सकती है।
सीबीआई जांच पर कोई समझौता नहीं
वहीं सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद छात्र नेता कुणाल ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारा विधानसभा घेराव का जो कार्यक्रम है, वो शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। हमारी मांग CBI जांच की है, हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।"
यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, बोलीं- 'मेरी जान भी जा सकती थी...'
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर, झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य के तौर पर अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
Written By: Pradeep Singh