मौत से बेखबर 12 वर्ष साल का मासूम बच्चा नदी किनारे शौच के लिए गया। इस दौरान कालबनकर आए मगरमच्छ ने बच्चे का पैर घसीट हुए नदी के अंदर ले गया। और बड़ी ही बेरहमी से मारा डाला। इस हादसे के सामने आते ही आसपास के लोग सन रह गए। यह मामला बहराइच जिले के थाना बौंडी क्षेत्र में स्थित टिकुरी गांव का है।

घटना से शोक में डुबा पूरा इलाका 

बहराइच जिले के थाना बौंडी क्षेत्र में स्थित टिकुरी गांव में घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घाघरा नदी के किनारे खेत में धान की रोपाई के दौरान 12 वर्षीय सुनील सिंह पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सुनील अपने छोटे चाचा उदयराज सिंह के साथ खेत में काम करने गया था। और शौच के लिए नदी किनारे पहुंचा था। घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने पलभर में उसे अपने जबड़े में दबोच लिया और नदी की ओर खींच ले गया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उसके चाचा और आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के हमले के आगे वे असहाय साबित हुए।

शौच के लिए नदी के किनारे गया था बच्चा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि शौच के लिए नदी के किनारे गए बच्चे को मगरमच्छ मुंह में पकड़कर नदी में खींच ले गया और उसकी जान ले ली। वहीं इस दौरान बच्चे के चाचा उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। हालांकि उन्होंने इस घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।

मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मगरमच्छ बच्चे को मुंह में दबाकर पानी में पटकता रहा, जिससे घटनास्थल पर दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा जाल डालकर बच्चे की तलाश शुरू की। कई घंटों की मशक्कत के बाद देर शाम सुनील का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना न केवल मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा, मगरमच्छों की बढ़ती गतिविधियों और वन्यजीव प्रबंधन की चुनौतियों पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है।

Written By: Geeta Sharma