हाल ही में लेबनान पर इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार, अगले सप्ताह अमेरिका में इज़रायल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक हो सकती है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य हालात को नियंत्रित करना और युद्धविराम को मजबूत करना होगा।
बेंजामिन नेतन्याहू ने दिया ये संकेत
सीजफायर की घोषणा के बावजूद, लेबनान में इज़रायली हमलों का सिलसिला पूरी तरह नहीं थमा। इन हमलों में 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। इससे क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा गया है। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने संकेत दिया है कि वह लेबनान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बातचीत का प्रमुख मुद्दा Hezbollah को निशस्त्र करना होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक खतरा बना रहेगा, तब तक सैन्य अभियान जारी रह सकता है।
हिज़्बुल्लाह ने कही ये बात
दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने इस प्रस्तावित बातचीत को सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन के वरिष्ठ नेता Ali Fayyad का कहना है कि लेबनान सीधे तौर पर इज़रायल से बातचीत नहीं करेगा, उन्होंने मांग रखी कि पहले इज़रायल अपने हमले बंद करे और अपनी सेना को पीछे हटाए, तभी किसी संवाद पर विचार हो सकता है।
युद्धविराम को लेकर भी भ्रम
इसी बीच, युद्धविराम को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इजरायल और अमेरिका का कहना है कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता, जबकि ईरान और पाकिस्तान का दावा है कि लेबनान को इसमें शामिल किया गया था। इस असहमति ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
Written By Toshi Shah