वैश्विक खाद्य और उर्वरक संकट के बीच चीन की नीतियां एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गई हैं। डेविड माल्पास ने चीन पर खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की जमाखोरी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे तुरंत अपने भंडार बढ़ाने की नीति बंद करनी चाहिए। उनका मानना है कि चीन की इस रणनीति से दुनिया भर में सप्लाई संकट और महंगाई बढ़ रही है। उन्होंने यह बयान एक इंटरव्यू में दिया है।
चीन के पास मौजूद है खाद्य और उर्वरक भंडार
मालपास 2019 से 2023 तक World Bank के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि चीन के पास पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य और उर्वरक भंडार मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार अपने स्टॉक बढ़ा रहा है। उनके अनुसार,अगर चीन यह नीति रोक दे तो वैश्विक बाजार में उर्वरकों की उपलब्धता सुधर सकती है और कई देशों को राहत मिल सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो चुकी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से तेल, गैस और उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति पर सीधा असर पड़ता है। कई देश इस समय बुवाई के मौसम से पहले उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था करने में जुटे हैं।
चीन ने उर्वरकों के निर्यात पर लगाई रोक
इसी बीच चीन ने मार्च से कई प्रकार के उर्वरकों के निर्यात पर रोक लगा दी है। चीन का कहना है कि यह कदम घरेलू जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। हालांकि,आलोचकों का कहना है कि चीन 2021 से ही धीरे-धीरे उर्वरक निर्यात पर प्रतिबंध बढ़ाता आ रहा है। पिछले वर्ष वैश्विक उर्वरक उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत रही थी, जबकि उसका निर्यात 13 अरब डॉलर से अधिक का था।
मालपास ने चीन पर उठाया सवाल
मालपास ने चीन के “विकासशील देश” होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद चीन अब भी World Trade Organization और वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाओं में विकासशील देश का दर्जा बनाए रखना चाहता है, जबकि कई मामलों में वह एक समृद्ध राष्ट्र बन चुका है।
चीन ने सभी आरोपों को किया खारिज
हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता Liu Pengyu ने कहा कि चीन वैश्विक खाद्य और उर्वरक बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और मौजूदा संकट के लिए उसे जिम्मेदार ठहराना गलत है।
Written By: Geeta Sharma