राजधानी दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक बताया, उन्होंने कहा कि देश की संसद एक नए ऐतिहासिक पड़ाव के करीब पहुंच रही है। पीएम मोदी न कहा कि भारत की महिलाओं ने अपने प्रयासों से एक विशिष्ट पहचान और विरासत स्थापित की है।
मैं यहां किसी को उपदेश देने नहीं आया-पीएम
सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, 'मैं यहां किसी को उपदेश देने या किसी को जगाने नहीं आया हूं। मैं यहां सिर्फ इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं, उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी और इस विषय पर लगभग चार दशकों से चर्चा होती रही है। इस प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों और कई पीढ़ियों का योगदान रहा है।
#WATCH | Delhi: At the 'Nari Shakti Vandan Sammelan', Prime Minister Narendra Modi says, "I also congratulate all the women of India on the arrival of a new era. For decades, everyone has felt the need for reservations for women in the democratic structure. There were discussions… pic.twitter.com/LE88CLLvVD
— ANI (@ANI) April 13, 2026
पीएम ने विपक्ष की सराहना की
पीएम मोदी ने विपक्ष की सराहना करते हुए कहा कि जब 2023 में यह अधिनियम पारित हुआ, तब सभी दलों ने मिलकर इसे समर्थन दिया था। उस समय यह भी सहमति बनी थी कि इसे 2029 तक लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि आगे भी संवाद, सहयोग और सहभागिता के माध्यम से यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और संसद की गरिमा और बढ़ेगी।
#WATCH | Delhi: At the 'Nari Shakti Vandan Sammelan', Prime Minister Narendra Modi says, "In 2023, in the new building of the Parliament, we introduced the Women's Empowerment Act. So that it can be implemented on time, a special meeting of the Parliament's Budget Session is… pic.twitter.com/1LrbVHPGDZ
— ANI (@ANI) April 13, 2026
राष्ट्रपति का दिया उदाहरण
महिला नेतृत्व के उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति जी से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं, उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है, साथ ही उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया, जहां लाखों महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सरकार द्वारा महिला के लिए किए कार्य के बारे में बताया
पीएम मोदी ने इस दौरान मैटरनिटी लीव समेत कई फैसलों का जिक्र किया, उन्होंने कहा, 'आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना में 60 प्रतिशत से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं। देश के स्टार्टअप रिवोल्युशन को भी महिलाएं लीड कर रही हैं। आज 42 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है, उन्होंने कहा, 'महिलाओं के करियर पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए हमने मैटरनिटी लीव को भी बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। दुनिया के समृद्ध देशों में भी ये सुविधा नहीं है। जब मैं उनको इसके बारे में बताता हूं, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह जाती हैं।'
दिल्ली की सीएम ने पीएम की सराहना की
इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश की महिलाएं इस विधेयक के समर्थन में एकजुट हैं, उन्होंने लोगों से इस अधिनियम के समर्थन में आगे आने की अपील भी की। अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं के संघर्ष और प्रगति की लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब “बेटी बढ़ाओ” के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
#WATCH | Delhi: At the 'Nari Shakti Vandan Sammelan' at Vigyan Bhawan, Delhi CM Rekha Gupta says, “Women across the country stand with you on this bill you introduced in Parliament. Today, on behalf of sisters across the country, I want to thank you and the government led by you… pic.twitter.com/JDGbgh6LN8
— ANI (@ANI) April 13, 2026
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने भी अधिनियम
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के आत्मसम्मान, सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
Written By Toshi Shah