मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के 2 तेल टैंकरों पर हमला कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से पहले रातभर दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। वहीं UAE ने भी दावा किया है कि उस पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
ईरानी टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कर रहे थे कोशिश
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक,ईरानी टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान अपने बंदरगाहों तक तेल आपूर्ति पहुंचाने के लिए सैन्य सुरक्षा के साथ टैंकर भेज रहा था। इसी दौरान अमेरिकी नौसेना ने कार्रवाई करते हुए 2 टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया। इससे पहले अमेरिका ने यह भी दावा किया था कि उसने अपने नौसैनिक जहाजों पर होने वाले हमलों को विफल किया और जवाबी कार्रवाई में होर्मुज क्षेत्र के कुछ ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद तनावपूर्ण
गौरतलब है कि 28 फरवरी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इज़रायल द्वारा सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद ईरान ने समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है,इसलिए इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई। कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
अमेरिका और ईरान के शांति वार्ता विफल होने से बढ़ा तनाव
अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता भी विफल हो गई थी, जिसके बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिकी हितों को चुनौती देगा तो उसे कड़ी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी हमले को उकसाने वाली कार्रवाई बताते हुए इसे संघर्षविराम का उल्लंघन करार दिया।
Written By: Geeta Sharma