द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (M. K.Stalin) ने 13 जून को सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय (C. Joseph Vijay) पर गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री एआईएडीएमके के विधायकों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। स्टालिन ने यह भी कहा कि विजय की राजनीतिक कार्यशैली भारतीय जनता पार्टी जैसी होती जा रही है, जिससे उनके सहयोगी दल असहज महसूस कर रहे हैं।

स्टालिन ने कसा तंज

डीएमके महिला प्रकोष्ठ की एक परामर्श बैठक में बोलते हुए स्टालिन ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि आम लोग बाजार जाकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदते हैं, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री तौर पर विपक्षी दल के विधायकों को अपने पक्ष में लाने में लगे हुए हैं, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री को अपनी सरकार की स्थिरता या सहयोगी दलों के समर्थन पर भरोसा नहीं है।

यह तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं- स्टालिन

स्टालिन के अनुसार, पहले कुछ एआईएडीएमके विधायकों से टीवीके के पक्ष में मतदान कराया गया, फिर उनसे इस्तीफा दिलवाया गया और बाद में उन्हें सत्तारूढ़ दल में शामिल कर लिया गया, उन्होंने आरोप लगाया कि यह तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

बीजेपी की “जेरॉक्स कॉपी”- डीएमके प्रमुख

डीएमके प्रमुख ने कहा कि जिस प्रकार बीजेपी अन्य राज्यों में राजनीतिक दलों के विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करती है, उसी तरह की रणनीति अब तमिलनाडु में अपनाई जा रही है, उन्होंने विजय को बीजेपी की “जेरॉक्स कॉपी” बताते हुए कहा कि इस स्थिति ने उनके समर्थक दलों को असुविधाजनक स्थिति में ला दिया है।

अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं मतदाता- स्टालिन

स्टालिन ने यह भी दावा किया कि टीवीके को वोट देने वाले कई मतदाता अब अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं, उनके मुताबिक, राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और विभिन्न समाचार माध्यमों में लगातार गंभीर अपराधों की खबरें सामने आ रही हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर बोले स्टालिन

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। स्टालिन ने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था और कार्यकर्ताओं द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने का वादा किया गया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में श्रीवैकुंटम की एक घटना में सत्ताधारी दल से जुड़े एक व्यक्ति का नाम यौन उत्पीड़न के मामले में सामने आया है, जिससे सरकार के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।

 

Written By Toshi Shah