भारत में स्मार्टफोन खरीदने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब लोग सिर्फ कैमरा, बैटरी या प्रोसेसर जैसे पारंपरिक स्पेसिफिकेशन नहीं देखते, बल्कि फोन में मिलने वाले AI फीचर्स को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 89 प्रतिशत ग्राहक अब फोन खरीदते समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य आधार मान रहे हैं। यह बदलाव साफ दिखाता है कि यूजर्स अब “स्पेसिफिकेशन” से ज्यादा “एक्सपीरियंस” को प्राथमिकता दे रहे हैं।

AI फीचर्स क्यों बन गए इतने अहम?

Flipkart और Counterpoint Research की रिपोर्ट बताती है कि AI अब स्मार्टफोन का एक कोर एलिमेंट बन चुका है। पहले जहां लोग RAM, कैमरा या बैटरी की तुलना करते थे, अब वे यह देख रहे हैं कि फोन AI के जरिए क्या नया अनुभव दे सकता है—जैसे स्मार्ट फोटो एडिटिंग, वॉइस कमांड, ऑटोमेशन और पर्सनलाइजेशन। खास बात यह है कि सिर्फ महंगे फोन ही नहीं, बल्कि ₹15,000–₹20,000 के बजट वाले डिवाइसेज में भी यूजर्स AI फीचर्स की मांग कर रहे हैं। इससे साफ है कि AI अब प्रीमियम नहीं, बल्कि जरूरी फीचर बनता जा रहा है।

अलग-अलग यूजर्स के लिए AI का अलग इस्तेमाल

AI का उपयोग हर आयु वर्ग और जरूरत के हिसाब से बदल रहा है:

* Gen Z यूजर्स इसे कंटेंट क्रिएशन, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं
* मिलेनियल्स AI का उपयोग प्रोडक्टिविटी, प्लानिंग और डेली टास्क मैनेजमेंट में कर रहे हैं
* कई महिलाएं इसे रोजमर्रा के कामों और लाइफस्टाइल जरूरतों को आसान बनाने के लिए अपना रही हैं
इससे पता चलता है कि AI अब सिर्फ एक टेक फीचर नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल टूल बन चुका है।

डिजाइन और लुक भी बना अहम फैक्टर

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि लगभग 64% यूजर्स फोन के कलर और डिजाइन को अहम मानते हैं। खासकर युवा और टियर-2 शहरों के ग्राहक ऐसे स्मार्टफोन के लिए 5% तक ज्यादा कीमत देने को तैयार हैं, जो उनके स्टाइल और पसंद से मेल खाते हों।

AI ने स्मार्टफोन को कैसे बेहतर बनाया?

AI के आने से स्मार्टफोन पहले से ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी हो गए हैं। अब फोन खुद ही यूजर की आदतों को समझकर परफॉर्मेंस को ऑप्टिमाइज करते हैं, जिससे बैटरी लाइफ भी बेहतर होती है। फोटोग्राफी में AI कैमरा कोच जैसे फीचर्स यूजर को सही एंगल, लाइट और सेटिंग्स के बारे में गाइड करते हैं, जिससे प्रोफेशनल जैसी तस्वीरें लेना आसान हो जाता है।

Written By Toshi Shah